बस्ती। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में प्रवेश के लिए कुल छह द्वारों का निर्माण कराया जाएगा। इसमें एक भव्य हनुमान प्रवेश द्वार बस्ती से अयोध्या की ओर जाने वाले फोरलेन पर बनेगा। इसी द्वार से पश्चिम बंगाल व बिहार के श्रद्धालु गुजरेंगे। इसके लिए 7.5046 हेक्टेयर भूमि का इंतजाम 59 किसानों से किया जाएगा। 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य द्वार रामायण काल की याद दिलाएंगे।
ये द्वार लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे। सभी छह प्रवेश द्वारों के लिए छह रामायणकालीन पात्रों का चयन कर लिया गया है। योजना को मूर्तरूप देने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए किसान और प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है। प्रशासन का दावा है कि लोलपुर और इस्माइलपुर के कुल 59 किसानों में से अब तक 10 किसान अपनी सहमति पत्र दे चुके हैं। एक प्रवेश द्वार विक्रमजोत-लोलपुर तटबंध पर बनना है। प्रवेश मार्ग की भव्यता से भव्य अयोध्या का एहसास होगा। प्रवेश द्वार के लिए जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। संवाद
...
प्रवेश द्वार के बगल रहेगी यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था
अयोध्या की सीमा पर बनने वाले प्रवेश द्वार को बेहद आकर्षक बनाने की योजना है। प्रवेश द्वार के बगल में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। उनके खाने-पीने के लिए रेस्टोरेंट्स और गाड़ियों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी।
रामायण से जुड़े द्वार से ही अयोध्या में मिलेगा प्रवेश
पर्यटन अधिकारी विकास नारायन ने बताया कि गेट के पास पार्किंग से लेकर जन सुविधाओं का इंतजाम भविष्य को देखते हुए पर्यटन विभाग और अयोध्या विकास प्राधिकरण मिलकर करा रहे हैं। अयोध्या आने वालों को प्राकृतिक माहौल मिले, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है। हाईवे के दोनों तरफ पार्किंग बनाई जाएगी। यहां टॉयलेट से लेकर पेयजल तक के इंतजाम होंगे।
ये होंगे सभी छह द्वारों के नाम
- गोरखपुर-बस्ती- अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर हनुमान द्वार
- प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर श्रीराम द्वार
- रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर गरुण द्वार
- वाराणसी-अयोध्या हाईवे पर जटायू द्वार
- गोंडा-अयोध्या हाईवे पर लक्ष्मण द्वार
हनुमान द्वार के अलावा गुरु वशिष्ठ के नाम समेत ल चार अन्य प्रवेश द्वार रामायण कालिन पात्रों के नाम पर चयन किए गए। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन में भेज दिया गया है। अयोध्या की सीमा से सटे बस्ती जनपद भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मखौड़ा, शृंगीनारी, रामरेखा के पौराणिक स्थल व अयोध्या से जुड़ने वाले रिंग रोड के विकास से धार्मिक, पर्यटन के साथ-साथ रोजगार की असीम संभावनाएं उपलब्ध होंगी।
-अंद्रा वामसी,
डीएम