संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। सप्ताह भर में 5- 6 मरीज सामने आ चुके हैं। ओपेक चिकित्सालय कैली में दो मरीज भर्ती चल रहे हैं। प्लेटलेट की डिमांड भी बढ़ी हुई है।
मगर सरकारी चिकित्सालयों में यह उपलब्ध नहीं होने से संकट बढ़ गया है। मजबूरी लोग निजी ब्लड बैंक से तीन से चार हजार रुपये तीन से चार यूनिट प्लेटलेट खरीद रहे हैं।
जिला अस्पताल में शनिवार को जॉच के बाद एक व्यक्ति में डेंगू बुखार की पुष्टि हुई। उसे भर्ती होने की सलाह दी गई। मगर वह जानकारी के बाद अस्पताल से बाहर चले गए। वहीं ओपेक चिकित्सालय कैली में तीन दिनों से डेंगू के दो मरीज भर्ती चल रहे हैं।
इसके अलावा गौर क्षेत्र के ढोढरी गांव में एक माह के भीतर दूसरी बार एक डेंगू मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। इस गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को फिर से पहुंचकर बचाव कार्य करना पड़ रहा है।
इधर अस्पतालों में प्लेटलेट उपलब्ध न होने से गंभीर मरीजों काे निजी अस्पतालों का शरण लेना पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार डेंगू होने होने पर बुखार की तीव्रता ज्यादा होती है। इस दौरान प्लेटलेट तेजी से घटता है।
जिससे मरीज शारीरिक रूप से कमजोर हो जा रहे हैं। ऐसी दशा में मरीज को तत्काल प्लेटलेट की जरूरत पड़ती है। लेकिन, जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सेपरेटर यूनिट न होने से प्लेटलेट संरक्षण की व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में डेंगू मरीज भर्ती तो किए जा रहे हैं लेकिन, उन्हें प्लेटलेट बाहर से लाने को कहा जा रहा है। जिससे मरीज यहां भर्ती नहीं हो रहे हैं। वहीं ओपेक चिकित्सालय कैली में सेपरेटर यूनिट तो हैं मगर यहां भी डिमांड के हिसाब से प्लेटलेट की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
बहुत मुश्किल से 3 से 6 यूनिट प्लेटलेट मिल पा रहा है। जिससे यहां भी मरीजों काे बाहर भेजा जा रहा है। निजी ब्लड बैंक में 3000 से 4000 रुपये में तीन यूनिट प्लेटलेट मिल रहा है।
केशवपुर में आठ लोग आ चुके हैं चपेट में : हर्रैया क्षेत्र के केशवपुर गांव में सितंबर माह में आठ लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। यहां एक पखवाड़े तक हड़कंप की स्थिति रही।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगातार कैंप करके बचाव कार्य करना पड़ा। 30 से ज्यादा लोगों की जांच कराई गई थी।