संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। ढोढ़री गांव में एक माह बाद उसी घर में दोबारा डेंगू का मरीज मिला है। जांच में डेंगू की पुष्टि होने के बाद शनिवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और परिवार सहित ग्रामीणों का नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया। ढोढ़री गांव निवासी प्रदीप कुमार पांडेय के 18 वर्षीय बेटे उमंग पांडेय को एक सप्ताह पहले बुखार और उल्टी की समस्या होने पर परिवार के लोग पहले निजी डॉक्टर से इलाज कराया।
ठीक न होने पर 14 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।, जहां जांच में युवक को डेंगू की पुष्टि हुई है। जैसे ही जांच रिपोर्ट सीएचसी गौर पर आई की स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। आननफानन में आरबीएसके डॉ जाह्नवी प्रसाद, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जयप्रकाश, बीएचडब्लू मनीष पाठक, अमित कुमार द्विवेदी गांव पहुंचकर लोगों का नमूने लिए। गांव में मच्छर मारने की दवा का छिड़काव कराया गया।
एक माह पहले इसी घर में अजय कुमार पांडेय के 10 वर्षीय बेटे आयुष पांडेय को डेंगू की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जयप्रकाश ने ग्रामीणों को बताया कि घरों में उपयोग किया जा रहे कूलर एवं गमले में पानी इकट्ठा न होने दें। क्योंकि पानी से ही मच्छर पनपते हैं और उनके काटने से बीमारियां फैलती हैं।
डेंगू से पीड़ित परिवार के जितेंद्र पांडेय ने बताया कि गांव में सफाई कर्मी की तैनाती है, लेकिन वह बहुत कम आते हैं।
गांव में जब संक्रामक बीमारी फैलती है, तब पंचायत विभाग भी सक्रिय हो जाता है और सफाई कर्मी दिखाई देने लगते हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती गौर के ढोढ़री गांव के एक बच्चे में डेंगू की पुष्टि हुई है।