बाजार में शाम होते बढ़ रही भीड़
अपनी-अपनी पसंद का कपड़े और कुर्ता खरीद रहे रोजेदार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बस्ती। रमजान का आखरी जुमा यानी अलविदा की नमाज गुजरने के बाद मुस्लिम समुदाय ने ईद के लिए खरीदारी शुरू कर दी है। बाजारों में दुकानें सज गई हैं। ग्राहकों के आने से रौनक बढ़ गई है। पाकिस्तान के कराची का वर्क शूट, लखनवी चिकन का कुर्ता-पायजामा और फिरोजाबाद की चूड़ियां ग्राहकों की पसंद बन रही हैं। देर रात तक सेवई की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है। ईद में टोपी की एक खास पहचान है। बाजार में टोपी भी कई प्रकार के उपलब्ध है। इसकी कीमत 50 से 200 रुपये तक है।
लोग हर तरीके की टोपी खरीद रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए कई प्रकार की टोपियां बाजार में उपलब्ध हैं। लेकिन इस बार अफगानी, सूडानी बरकाती, तुर्की, बांग्लादेशी टोपी सहित कई प्रकार की टोपियां लोगों को पसंद आ रही हैं।
ईद पर अपने दोस्तों और सगे-संबंधियों के बीच कुछ अलग दिखने के लिए मनपसंद कपड़ों की खरीदारी की जा रही है। खास तौर से महिलाओं की ड्रेस को लेकर जबरदस्त फैशन ट्रेंड है। कपड़ा विक्रेता शमशुलहुदा ने बताया कि इंडो वेस्टर्न शरारा, उचल लेवर्ड शरारा, फ्लोरल प्रिंट शरारा कुर्ती, कराची वर्क सूट, पाकिस्तानी सूट, फ्रॉक गाउन की बिक्री ज्यादा है। दूसरी ओर युवक पठानी सूट और कुर्ता पायजामा पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा लखनवी चिकन का कुर्ता-पायजामा पुरुषों की पहली पसंद बना हुआ है।
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प्रयागराज और वाराणसी के सेवइयां पहली पसंद
बाजारों में कई तरह की सेवइयां उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने बताया कि वैसे तो पूरे रमजान लोग सेवई खरीदते हैं, लेकिन अलविदा जुमे के बाद से भीड़ काफी बढ़ गयी है। बाजार में स्थानीय सेवइयों के अलावा प्रयागराज और वाराणसी की सेवइयां लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं। बाजार में लच्छा सेवई, भुनी हुई सेवई, दाल फ्राई सेवई उपलब्ध है। शुद्ध घी की सेवइयां भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इसकी कीमत 600 रुपये किलो है। लच्छा सेवई 90 से लेकर 450 रुपये तक बिक रहे हैं। इसके अलावा कोरिया की सेवइयां 207 रुपये किलोग्राम तक बिक रही हैं। लोग सूखे मेवों की भी खूब खरीदारी कर रहे हैं।