बस्ती। जिला महिला अस्पताल में रविवार को नाबालिग के प्रसव का मामला सामने आया है। परिजन पेट दर्द की बात कहते हुए उसे अस्पताल ले गए थे। अस्पताल में भर्ती करने के कुछ देर बाद उसी नाबालिग स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल के मेमो पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित अधिकारियों से अवगत कराया। कलवारी थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को उसके परिजन पेट में दर्द के चलते जिला अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने उसे महिला अस्पताल भेज दिया। परिजन शनिवार की रात 10.40 बजे उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराए। थोड़ी देर में ही प्रसव हो गया। अस्पताल की भर्ती फाइल में प्रसूता की आयु 17 साल लिखी गई है। वह अविवाहित है। अस्पताल ने मामले को संदिग्ध मानते हुए तत्काल कोतवाली पुलिस को मेमो भेज दिया।
रविवार को सुबह कोतवाली पुलिस पहुंची और लेबर रूम में मौजूद चिकित्सक डॉ. रंजू कन्नौजिया व मैट्रन मीरा शुक्ला से जानकारी ली। पुलिस ने नाबालिग प्रसूता की मां से गहनता से पूछताछ की। पता चला कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का मौलवी प्रसूता के गांव के मदरसे में पढ़ता था। उसी गांव में मौलवी रहता है। मां के अनुसार, दुआ आदि के लिए मौलवी घर आता था, इससे नाबालिग से नजदीकियां बढ़ गईं। वह कैसे गर्भवती हो गई, यह नहीं पता चल सका। मौलवी से भी पुलिस ने पूछताछ की है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले को कलवारी पुलिस को भी संदर्भित कर दिया है। प्रसूता की मां का कहना है कि कलवारी पुलिस को तहरीर देंगे।
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पहले हुआ राजी, फिर मुकरा
आरोपी मौलवी अस्पताल में ही मौजूद रहा। पहले तो परिजनों के दबाव पर वह प्रसूता को साथ रखने के लिए राजी हुआ, लेकिन बाद में पुलिस के सामने मुकर गया। बोला कि मेरा बच्चा नहीं है। चाहे तो इसकी जांच करा ली जाए। बताया जा रहा है कि मौलवी 29 साल का है।
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वर्जन
शनिवार की रात में नाबालिग भर्ती हुई थी। बाद में प्रसव हुआ। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई है। बच्चे को परिजन स्वीकार करने को राजी नहीं थे, ऐसे में चाइल्ड लाइन को भी जानकारी दी गई है। प्रथम दृष्टया प्रसूता नाबालिग है। फाइल में भी उसकी उम्र 17 साल अंकित है। -डॉ. सुधांशु द्विवेदी, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल