संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। न्यायालय में कंडोलेंस होने की वजह से पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की अग्रिम जमानत की अर्जी पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि ने इसके लिए बृहस्पतिवार की तारीख मुकर्रर किया है। इससे पहले सोमवार को अमरमणि त्रिपाठी की तरफ से उनके अधिवक्ताओं ने जमानत पर बहस किया था। न्यायाधीश ने आगे की बहस व उस पर निर्णय सुनाने के लिए 10 जुलाई की तारीख दिया था।
बता दें कि गैंगस्टर व अपहरण केस में अमरमणि त्रिपाठी की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायाधीश को संबोधित तीन पन्ने के नोटरी शपथ पत्र के साथ जमानत की अर्जी दी गई है। कहा गया है कि केस के वादी की मृत्यु हो चुकी है। पीड़ित राहुल मद्धेशिया की तरफ से 21 जून को न्यायालय में स्वयं हाजिर होकर सुलहनामा दाखिल किया गया है। जिसमें कहा गया है कि मेरे अपहरण में अमरमणि त्रिपाठी की भूमिका नहीं है। अमरमणि को जानता-पहचानता नहीं हूं और न कभी मिला हूं। यह भी कहा है कि जो आपराधिक इतिहास पुलिस दिखा रही है उनमें से अधिकतर केस समाप्त हो चुके हैं। ऐसे में अपील की गई है कि गैंगस्टर व अपहरण समेत अन्य केस में गैर जमानती वारंट जारी है। इसलिए पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। ऐसे में अग्रिम जमानत स्वीकार की जाए।