पोस्टमार्टम में अंदरूनी अंगों के फेल होने से हो रही मौत की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता गया, गर्मी जानलेवा साबित होती गई। गर्म हवा और तीखे तापमान की चपेट में आकर लोग जहां-तहां गिरकर मरते गए। कुछ की घरों में तबीयत बिगड़ी और जान चली गई। यही वजह रही कि मई की तुलना में जून में मौतों की संख्या में करीब दोगुना इजाफा हुआ। जून के सिर्फ 24 दिन में ही 77 शवों का पोस्टमार्टम हुआ। मगर, इनमें गर्मी से एक भी मौत नहीं मानी गई। कई मौतें तो ऐसी हुईं, जिनका पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ। जिनके पोस्टमार्टम हुए उसकी रिपोर्ट में अंदरूनी अंगों का फेल होना कारण सामने आता है, इसलिए किसी में लू लगने की पुष्टि नहीं हुई।
जिले में मई के मध्य से उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी है। नौतपा के दौरान तो हालात और ही विपरीत हो गई, जब एक दिन में ही चार-पांच शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच रहे थे। नौतपा खत्म होने के बाद भी जानलेवा बनी गर्मी का कहर जारी है। मौसम की इसी मार के बीच पोस्टमार्टम हाउस में पिछले माह से लगातार शवों की संख्या बढ़ती जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, मई में रोजाना औसतन दो-तीन शवों का यहां पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन जून में यह संख्या दोगुना रफ्तार से बढ़ी। इस तरह जून में प्रतिदिन होने वाले पोस्टमार्टम का औसत बढ़कर करीब चार-पांच पहुंच गया है। अब भी यह संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौसम की इसी मार के बीच पोस्टमार्टम हाउस में पिछले माह से लगातार शवों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इनमें कुछ तो दुर्घटना के मामले हैं, लेकिन अधिकतर गर्मी जैसे लक्षणों वाले रहे हैं। कुछ तो इधर-उधर मृत अवस्था में पड़े मिले हैं, जिन्हें गर्मी लगने की बात कही जा रही है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। सीएमओ डाॅ. आरएस दुबे के अनुसार किसी मरीज में लू की पुष्टि नहीं हुई।