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Basti News: ढाई साल तक फाइलाें में दबा रहा युवती की हत्या का मामला

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बस्ती। हर्रैया थाने की फाइलों में ढाई साल तक एक युवती की हत्या का केस दबाकर रखने के मामले को आईजी आरके भारद्वाज ने तब पकड़ा जब वह ऑपरेशन क्लीन के तहत लंबित पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कर रहे थे। इसे लापरवाही मानते हुए आईजी ने एसपी बस्ती को जांच कराने का निर्देश दिया है। जिसकी रिपोर्ट पखवाड़े भर में मांगी है।
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उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले आईजी ऑपरेशन क्लीन के तहत लंबित पोस्टमार्टम रिपोर्टों की जांच कर रहे थे। जांच में यह पता चला कि 13 जनवरी 2021 को महिला के शव का पीएम कराया गया था, जिसमें महिला की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पीएम रिपोर्ट भी फाइलों में गुम हो गई। तब से अब तक मौजूद थाना प्रभारी को छोड़कर आधा दर्जन दारोगा व इंस्पेक्टर यहां बतौर थाना इंचार्ज रहे, लेकिन किसी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
खबर है कि इस लापरवाही की जांच के दायरे में तीन थाना प्रभारी समेत छह निरीक्षक आ सकते हैं। इधर आईजी की जांच में यह संज्ञान में आया है कि 24 जुलाई 2023 को थाने के दारोगा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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छह इंस्पेक्टर आए जांच के दायरे में
हर्रैया थाना क्षेत्र में महिला का शव 11 जनवरी 2021 को मिला। शव बरामदगी से लेकर जून 2023 तक थाने पर तैनात रहे थाना प्रभारी जांच के दायरे में आएंगे। उस समय थानेदार सर्वेश राय थे, जो वर्तमान में खलीलाबाद कोतवाली के प्रभारी हैं। इनके बाद यहां इंस्पेक्टर विकास यादव को चार्ज मिला, जो लखनऊ में कार्यरत हैं। इंसपेक्टर बिंदेश्वरी मणि तिवारी वर्तमान में सिद्धार्थनगर में, इंस्पेक्टर विजय सिंह श्रावस्ती में, इंस्पेक्टर शैलेश सिंह वर्तमान में बस्ती के सोनहा थाना और इंस्पेक्टर विनय पाठक वर्तमान में कोतवाली के प्रभारी हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद भी केस दर्ज न करना बड़ी लापरवाही है। इसमें लापरवाही किस स्तर पर हुई है। इसकी जांच कराई जा रही है। लापरवाही बरतने वाले सभी निरीक्षकों व उप निरीक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी को दी है।
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- आरके भारद्वाज, आईजी बस्ती रेंज।
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