महराजगंज(बस्ती)। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी के (ढोढ़रहवा घाट) के निकट मंगलवार को दोपहर पानी में डूबे युवक का शव मिला। चरवाहों के जरिए परिवार व पुलिस को सूचना मिली। गले, सिर और आंख के पास चोट के निशान मिले हैं। परिवार के लोगों ने हत्या का संदेह जताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या डूबने से मौत के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव का रहने वाला संदीप कुमार विश्वकर्मा (20) मंगलवार को गन्ने की सिंचाई कर रहा था। चाचा बाबूराम का कहना है कि दोपहर 11 बजे वह घर से खाना खाकर खेत में जाने की बात कहकर निकला। काफी देर तक नहीं लौटने पर चाचा ने 12:46 बजे मोबाइल पर फोन किया तो संदीप ने अपने को करचोलिया फार्म के पास होना बताया। कहा कि खेत में सांड़ को भगाने आया हूं। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप कुमार विश्वकर्मा का शव कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बघौड़ा गांव के निकट रवई नदी (ढोढ़रहवा घाट) पर पानी में उतराया हुआ है। वह स्थान घर से पांच किलोमीटर दूर है।
आसपास के चरवाहों ने शव को बाहर निकालकर मोबाइल फोन से फोटो वायरल किया। कुछ ही देर में आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घटनास्थल पर पहुंचे संदीप के चाचा बाबूराम ने शव की पहचान करते हुए सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस पहले तो डूबने से मौत की आशंका जताई लेकिन परिजन हत्या की आशंका पर डटे रहे। कप्तानगंज के एसओ रोहित कुमार उपाध्याय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा हैं। रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई का पता लग पायेगा।
-
हत्या या हादसा को लेकर लोगों में चर्चा
- हत्या या हादसा को लेकर लोगों में कई तरह की चर्चा की जा रही है। घटना से कुछ देर पहले तक चाचा से बात होने के बाद इस तरह की घटना सामने आना रहस्य पैदा कर रहा है। लोगों का कहना है कि जिस जगह शव मिला है वहां नदी के ऊपर आने-जाने के लिए ग्रामीणों ने करीब एक मीटर चौड़ा आरसीसी का पुल नुमा बना रखा है। घाट के किनारे कीचड़ है। उसकी मोटरसाइकिल जहां तक जा सकती है, वहां तक ले जाई गई है। इसके बाद खड़ी कर दी गई। फोरेंसिक टीम और पुलिस का मानना है कि नहाते समय डूबने जैसी परिस्थिति लग रही है। हालांकि चोट के निशान हत्या का शक पैदा कर रहे हैं। परिवार की तरफ से अभी तहरीर नहीं दी गई है।
घाट की तरफ गए थे चार, लौटे सिर्फ तीन
- मृतक के चाचा का कहना है कि वह लगातार संदीप के मोबाइल फोन पर कॉल कर रहे थे लेकिन नंबर लगातार बिजी जा रहा था। उसके बाद मोबाइल बन्द हो गया। आसपास के लोगों का कहना है कि दो बाइक पर वहां चार लोगों को जाते उन लोगों ने देखा था मगर लौटते समय सिर्फ तीन लोग थे। पुलिस उन तीनों के बारे में खोजबीन कर रही है।
मुंबई रहते हैं संदीप के माता-पिता
- संदीप अपने चाचा बाबूराम के साथ गांव पर रहता था। जबकि उसके पिता बाबूलाल और माता कुशलावती देवी और सात वर्षीय भाई दिवांश मुंबई में रहते हैं। संदीप की मौत की खबर मिलते ही सब लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। वहां से कुछ रिश्तेदार संदीप के माता पिता और भाई को लेकर गांव के लिए निकले हैं।
-