मेडिकल काॅलेज से छुट्टी होने पर बुआ के घर छोड़ेगा पिता
- वेंटिलेटर से हटाई गई मां के हमले की शिकार समायरा
- कप्तानगंज थाने के परसपुर दुबौली गांव में बृहस्पतिवार को हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मां के हमले की शिकार ढाई माह की मासूम समायरा की हालत अब खतरे से बिल्कुल बाहर बताई जा रही है। मेडिकल कालेज गोरखपुर में वेंटिलेटर से हटाकर उसे सामान्य बेड पर रखा गया है। हालांकि एहतियातन अभी भी ऑक्सीजन लगा हुआ है लेकिन एक दो दिन में उसे भी हटा लिया जाएगा। मासूम के पिता महेंद्र कुमार को डर है कि इसके ऊपर उसकी पत्नी फिर हमला कर सकती है। इसलिए वह घर लेकर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। शनिवार को महेंद्र ने बताया कि यहां से डिस्चार्ज होने के बाद बेटी को वह घर नहीं ले जाएगा। उसे अपनी बुआ के पास सोनहा ले जाकर रखेगा। उसने बताया कि पत्नी का इलाज कराने के बाद उसे उसके माता-पिता के पास उड़ीसा ले जाकर छोड़ देगा।
बता दें कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र के परसपुर दुबौली गांव में बृहस्पतिवार सुबह महेंद्र कुमार की पत्नी गीता ने अपनी ढाई माह की बेटी समायरा का चाकू से गला रेत कर हत्या का प्रयास किया था। बेटी की चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़े और किसी तरह उसके चंगुल से छुड़ाया। आनन-फानन में पिता व परिवार के अन्य लोग मासूम को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। डाक्टरों के अथक प्रयास से मासूम की जान बची। हालांकि हालत नाजुक होने के कारण डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया है। घटना के पीछे भूतप्रेत का साया बताया गया। बेटी का गला रेतने का प्रयास करने वाली गीता के पति महेंद्र ने उस समय बताया था कि गीता के ऊपर प्रेत सवार है। उसी के वश में होकर वह अपनी ही बेटी को मार देना चाहती है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी लेकिन परिवार के लोग पारिवारिक मामला बताकर किसी भी कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। गांव में इस बात की चर्चा जोरशोर से है उसके पहले भी एक बेटी पैदा हुई थी। जिसे महिला ने मार डाला। हालांकि परिवार में इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की।
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