बस्ती क्लब में रामलीला का मंचन करते स्कूली छात्र-छात्राएं।
- श्री रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन दशरथ मरण एवं भरत- मिलाप का हुआ सजीव मिलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सनातन धर्म संस्था की ओर आयोजित श्री रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन सोमवार की रात बाल कलाकारों ने दशरथ मरण और भरत- मिलाप का सजीव मंचन किया। प्रभु श्रीराम के अयोध्या न लौटने की खबर सुनकर महाराजा दशरथ राम-राम का विलाप करते हुए प्राण का त्याग कर दिए। इस दौरान माहौल गमगीन हो गया। बाल कलाकारों का यह मंचन देख लोग भाव विह्वल हो गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम की आरती उतार कर हुई। कर्नल केसी मिश्र, अजय नारायण, आशीष अभय , प्रियंका सिंह, हरीश त्रिपाठी, रंजीत सिंह, धर्मराज ने शक्ति संगठन की पूजा की। इसके बाद सरस्वती बालिका मंदिर रामबाग की छात्राओं ने रामलीला मंचन की शुरुआत की। सुमंत प्रभु श्रीराम के साथ वन गए। प्रभु राम जब अयोध्या लौटने से मना कर दिए तो सुमंत को भारी मन से अयोध्या लौटना पड़ा।
महाराज दशरथ को जब यह पता चलता है कि प्रभु श्रीराम नहीं लौटे तो वह राम-राम का विलाप करते हुए धरती पर गिर पड़े। उन्होंने पुत्र वियोग में शरीर का त्याग कर दिया। तब भरत गुरु वशिष्ठ के बुलावे पर अयोध्या पहुंचते हैं। राम का वनवास और महाराज की मौत का समाचार सुनकर माता कैकेई पर कुपित हुए। दासी मंथरा का शत्रुघ्न कूबड़ तोड़ देते हैं। पिता के अंतिम संस्कार के बाद भरत जी, गुरु वशिष्ठ जी और माताओं के साथ निषादराज के सहयोग से चित्रकूट पहुंचे। यहां प्रभु श्रीराम से उनकी भेंट हुई। भरत के करुण क्रंदन से श्री राम का मन द्रवित हो गया। इस दौरान मानस चौपाई की गूंज हुई। भरत प्रभु के खड़ाऊं लेकर लौट आते हैं। यह मंचन देख हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।