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Basti News: किसान सम्मान निधि के नाम पर साइबर अपराधियों ने शुरू की ठगी

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बस्ती। साइबर अपराधियों ने अब ऐसे किसानों को फंसाकर रकम उड़ाना शुरू किया है, जिनकी सम्मान निधि की किस्त किन्हीं कारणों से रुक गई है। उनका ई-केवाईसी करने और दोबारा किस्त जारी कराने को कहकर खाते ही रकम हड़प रहे हैं। लोगों के पास अपराधी फोन करके ई-केवाईसी न कराने पर किस्त रुक जाने का झांसा देते हैं। हाल के दिनों में इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस इनमें कई मामलों की छानबीन कर रही है।
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केस एक
मुंडेरवा के निवासी ऋषि प्रसाद ने बताया कि उनकी सात किश्त आ चुकी थी। आठवीं किस्त नहीं आई, तो वह विभाग से लेकर बैंक तक जानकारी जुटाने लगे, लेकिन कोई सही जानकारी नहीं मिल पाई कि किस्त क्यों रुक गई। इसी बीच 10 अगस्त को उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। उसने बोला कि आपकी कितनी किश्त आई है। उनके बताने पर कि आठवीं किश्त रुक गई है, उसने कुछ देर बाद वजह बताने को कहा। पांच मिनट बाद फिर फोन आया और ई-केवाईसी न होने की बात बताई। ई-केवाईसी करने के बहाने एकाउंट हैक कर लिया और खाते से साढ़े छह हजार रुपये उड़ा लिए।
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केस दो
नगर बाजार के हरिशंकर यादव के पास नौ अगस्त को फोन आया कि आपकी किसान सम्मान निधि की किश्त अब नहीं आएगी। पूछने पर बताया कि जो खाता फीड है उसकी आधार से मैपिंग नहीं है। पहली बार इस प्रक्रिया का नाम सुनते ही वह सकते में आ गए। फोन करने वाले ने ऑनलाइन एकाउंट मैपिंग करने को कहा। इसके लिए उसने एक लिंक भेजा और उसे खोलने के लिए कहा। हरिशंकर के अनुसार लिंक खोलने पर कुछ नहीं हुआ लेकिन आधे घंटे बाद खाते से साढ़े तीन हजार रुपये कटने का मैसेज आ गया।
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किसान विभाग से लें सहायता
उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि किसी भी किसान की किसान सम्मान निधि से जुड़ी कोई समस्या आ रही हो तो वह इसके लिए विभाग से संपर्क कर सकता है। सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर उसकी समस्या का निराकरण किया जाएगा। समस्या के समाधान के लिए कार्यालय में एक काउंटर भी बनाया गया है। सम्मान निधि को लेकर किसी के झांसे में आने की आवश्यकता नहीं है।
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धोखाधड़ी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

-लालच में आकर अनजान व्यक्ति से आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक अकाउंट समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी साझा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें, किसी प्रकार के लिंक पर क्लिक न करें।

- कोई अनजान व्यक्ति फोन कर किसी स्कीम आदि का लालच दे, तो उसके झांसे में न आएं
- फ्री रीचार्ज, कैशबैक, क्रेडिट कार्ड ऑफर के कॉल व मैसेज से बचें

- ई-केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल से बचें
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यहां करें शिकायत

-इस तरह के फ्राॅड का शिकार अगर कोई उपभोक्ता हो जाता है, तो तुरंत केंद्र सरकार के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर-1930 पर काॅल करें। साथ ही साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल एचटीटीपीएस//डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर या नजदीकी थाना-चौकी में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 1930 पर तुरंत शिकायत करने पर पैसा सुरक्षित वापस आने की संभावना रहती है।
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-सुभाष सिंह, प्रभारी, साइबर क्राइम
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