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Basti News: साइबर अपराधियों ने स्पैम कॉल को बनाया हथियार, ट्रैश कर पाना मुश्किल

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बस्ती। आजकल झांसा देकर रुपये ऐंठने वाले साइबर अपराधियों ने स्पैम कॉल को हथियार बनाना शुरू कर दिया है। व्यापारी से रंगदारी मांगने का प्रकरण सबसे ताजा उदाहरण है। यही नहीं, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के ज्यादातर मामलों में स्पैम कॉल किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसमें ऐसे नंबर से फोन आते हैं जिसे कॉल बैक करने पर यह नंबर गलत है या उपलब्ध नहीं है, जैसा जवाब मिलता है।
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साइबर एक्सपर्ट अमित गुप्ता बताते हैं कि अनचाहे या अवैध मैसेज या कॉल को स्पैम कहते हैं। इसका उपयोग व्यवसाय या उत्पाद के प्रचार-प्रसार के लिए होता है। इसमें मैसेज या कॉल के लिए मशीन का उपयोग किया जाता है। अब तो इसके लिए कॉलसेंटर की भी सेवा ली जा रही है। असल में तमाम कंपनियां अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार करने के लिए दूसरी कंपनियों को काॅन्ट्रैक्ट देती हैं। वह कंपनियां इंटरनेट के जरिये अधिक से अधिक लोगों के नंबर हासिल कर लेती हैं। उन नंबरों पर कॉल करके अपने प्रोडक्ट के बारे में बताते हैं।
साइबर अपराधी भी इसी तकनीक का इस्तेमाल लोगों से ठगी के लिए करने लगे हैं।

केस एक
पुरानी बस्ती के इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी व विहिप नेता नीरज गुप्ता के पास रंगदारी मांगने के करीब डेढ़ महीने से कॉल आ रहे हैं। कॉल करने वाला अब तक करीब 50-60 मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर चुका है। वह सभी ऐसे नंबर हैं जिस पर कभी कॉल बैक नहीं जाती। डायल करने पर नंबर उपलब्ध नहीं है का जवाब मिलता है। नीरज गुप्ता ने पुरानी बस्ती थाने में इसे लेकर केस दर्ज कराया तो पता चला कि यह सभी स्पैम कॉल किए गए हैं।
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केस दो-
कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन अग्रवाल के पास साबुन की कंपनी की डीलरशिप लेने के लिए कॉल आया। कॉल करने वाले का ऑफर पसंद आने पर अर्जुन ने अगले दिन बताने को कहा। अगले दिन फिर उसी नंबर से कॉल आई। उसके बताने के हिसाब से अर्जुन ने बताए गए नंबर पर एडवांस के तौर पर 60 हजार रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कॉल आना बंद हो गया। नंबरों के आधार पर जब वह जानकारी लेना चाहे तो पता चला कि वह सभी स्पैम कॉल थी और इस पर बात नहीं हो सकती।
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इस तरह करें बचाव
मोबाइल पर अनजान नंबरों से आने वाले फर्जी कॉल से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है। मोबाइल में ट्रू-कॉलर डाउनलोड कर लें। ताकि कॉल आने पर स्क्रीन पर पता चल सके कि आ रही कॉल किस तरह की है। ऐसे नंबरों पर आने वाली कॉल जहां तक संभव हो उसे नजरअंदाज करें। कोई समस्या आने पर पुलिस के साइबर सेल या थाने में शिकायत करें।
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-सुभाष सिंह, साइबर सेल प्रभारी
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