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Basti News: साइबर ठगों का नया फंडा, टेलीग्राम ऐप से कर रहे ठगी

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बस्ती। साइबर ठगों ने इन दिनों टेलीग्राम ऐप को ठगी का नया फंडा बना लिया है। यह ठग डिजिटल मार्केटिंग करने वालों को ही ज्यादातर निशाना बनाते हैं। ऐसे मामले लगातार साइबर सेल के पास पहुंच रहे हैं। जांच में यह मिला है कि डिजिटल मार्केटिंग में रुचि रखने वालों को टेलीग्राम ऐप के जरिये पहले लाभ दिखाकर झांसे में लिया जाता है, और फिर ठग इन्हें अपना शिकार बना लेते हैं। मार्केटिंग के इस बड़े हब में चैनल बनाने की सुविधा को ठग इस्तेमाल करते हैं। फिल्म प्रमोशन, स्टडी प्वाइंट से लेकर यहां तमाम विकल्प हैं।
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साइबर ठग लोगों को नई व पोर्न फिल्मों के लिंक, लुभावने ऑफर के लिंक भेजकर लालच देते हैं। पहले लोगों को कमीशन या मेहनताने के रूप में रुपये भेजते हैं। भरोसा बढ़ने पर उनकी रकम हड़पकर संपर्क बंद कर देते हैं।




केस एक-
रेटिंग देने के बहाने महिला से डेढ़ लाख ठगे

गांधीनगर थाना क्षेत्र की महिला लंबे समय से डिजिटल मार्केटिंग के काम में लगी है। उन्हें कॉल की गई कि मूवी को रेटिंग देनी है। इसके लिए फीस दी जाएगी। टेलीग्राम से लिंक कर काम शुरू किया गया। शुरू में खाते में रकम भी बतौर कमीशन भेजी गई। फिर उनका ई वॉलेट बना दिया गया। इसमें लाखों रुपये उन्हें कमीशन के तौर पर मिला दिखाया गया। इसे अकाउंट में ट्रांसफर कराने के बहाने थोड़ा-थोड़ा करके डेढ़ लाख रुपये ठग लिए गए।
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केस दो-

व्यावसायी दंपती के 90 हजार उड़ाए



मंगल बाजार के दंपती को व्हाट्सएप पर लिंक भेजा गया कि इंस्टाग्राम व फेसबुक पर पेज लाइक करना है। इसके लिए अच्छी फीस मिलेगी। दोनों ने घर पर लैपटॉप से काम शुरू किया। इसमें व्हाट्सएप पर ही टेलीग्राम का लिंक मिला। इस पर काम करते हुए दोनों को दिखाया गया कि उनके वॉलेट में एक लाख रुपये आ गए हैं। इसे लेने के लिए कई तरह के बहानों से 90 हजार रुपये की रकम ठग ली गई।







मोबाइल पर लड़की से दोस्ती, टेलीग्राम से लुटवाया

बस्ती शहर का एक युवक पढ़ाई के बाद डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ गया था। उसके पास एक बार नए नंबर से कॉल आई और खुद को मुंबई से बताकर एक युवती ने बात की। मोबाइल पर ही दोस्ती हो गई। उसी युवती ने टेलीग्राम का लिंक दिया और वहां चेन सिस्टम से मेंबर बनाने के नाम पर कमीशन की पेशकश की। युवक को अपने नीचे सदस्य बनाने में शुरू में कुछ रिटर्न भी मिला। बाद में करीब पांच लाख की रकम फंस गई। मामला अब साइबर थाने में है।




यहां से जानकारी निकलवाना ज्यादा मुश्किल
साइबर विशेषज्ञ संजय बताते हैं कि टेलीग्राम में व्हाट्सएप की तरह इनक्रिप्टेड मैसेज (सूचना-सामग्री का विशिष्ट कोड में रूपांतरण) का सिस्टम नहीं है। यहां बड़ा ग्रुप बनाकर ज्यादा हैवी फाइलें भेजी जा सकती हैं। साइबर ठग इन्हीं फाइलाें में वायरस भेज देते हैं, जिससे ठगी की राह आसान हो जाती है। फेसबुक व व्हाट्सएप को लेकर साइबर पुलिस को आसानी से सूचनाएं मिल जाती हैं। इस ऐप से सूचनाएं निकलवाना मुश्किल है।

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आईजी बोले, बरतें सावधानी
साइबर ठग कई तरीकों से ठगी कर रहे हैं। टेलीग्राम से ठगी के मामले भी इनमें शामिल हैं। साइबर थाना पुलिस को और अधिक सक्रियता बरतने का निर्देश दिया गया है। लोगों को भी जागरूक रहकर काम करना चाहिए।
- आरके भारद़्वाज, आईजी रेंज बरेली

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ऐसे करें बचाव



- सिक्योर वेबसाइट से ही डिजिटल मार्केटिंग करें, जिसमें एचटीटीपी के साथ एस भी लगा हो।

- किसी वेबसाइट पर यूआरएल से पहले लॉक का सिंबल देख लें, लॉक खुला दिखे तो समझ लें कि वह सुरक्षित नहीं है।

- इंसेटिव देने के लिए साइबर ठग आपका वॉलेट बनाते हैं। कई बार इसमें आपको लाखों और करोड़ रुपये तक आपके खाते में दिखते हैं। अधिकतर मामलों में यह छलावा साबित हुआ है।
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-आपका वॉलेट या खाता खोलने के नाम पर आधार, मेल आईडी, मोबाइल नंबर जैसी सूचनाएं ली जाती हैं।

- कई बार साइबर ठग इनसे बैंकों में सांठगांठ कर आपके नाम से ही अलग खाता खोलकर ठगी कर लेते हैं।



- मेल या व्हाट्सएप पर टू स्टेप वेरीफिकेशन ऑन करके रखें। वर्ना व्हाट्सएप या आईडी को आसानी से हैक करके ठगी की जा सकती है।
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