बस्ती। एक हफ्ते पूर्व शुरू हुई रक्षा बंधन की तैयारियां बहन के रेशमी धागे के भाइयों के हाथ पर बांधने के साथ बृहस्पतिवार को संपन्न हो गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खूब चहल-पहल रही। देर शाम तक बहनों को बाजार से राखी खरीदते और भाइयों को उपहार खरीदते देखा गया। उपहार में सबसे अधिक चाकलेट के गिफ्ट पैक बिके। सुबह सवा सात बजे पूर्णिमा समाप्त होने की वजह से ज्यादातर भाई-बहनों से इससे पहले राखी बंधवाई। हालांकि पूरे दिन राखी बांधने-बंधवाने का क्रम चलता रहा।
अन्य दिनों की अपेक्षा बृहस्पतिवार को सड़कों पर काफी चहल रही। शादीशुदा बहनें पतियों और बेटों के साथ दो और चार पहिया वाहनों के साथ घरों में राखी बांधने के लिए पहुंचीं। परंपरागत तरीके से आरती और चंदन के साथ कलाइयों पर राखी सजाई। लंबी उम्र की कामना की। कई ऐसे भाई भी देखे गए जो राखी बंधवाने के लिए बहनों के घरों पर गए। मिठाई की दुकानों पर काफी भीड़ रही। मंदिरों में भी राखी बांधी गई। राखी बांधने का कोई समय नहीं था, इसलिए दिन भर रक्षा बंधन चलता रहा।
रक्षा बंधन से पहले से ही बाजार में उपहार, मिठाई और राखी खरीदने की भीड़ प्रतिष्ठानों पर लगी रही। त्योहार का महत्व इस बात से भी लगाया जा सकता है कि शहरी क्षेत्र में हर दस मीटर की दूरी पर राखी बेचने वालों की दुकानें सजी थीं। यही हाल मिठाई वाली दुकानों की भी रही। हर गली और मुहल्लों में मिठाई और राखी की दुकानों को सजते हुए देखा गया। सबसे अधिक उत्सुकता छोटे छोटे भाई बहनों में थी। रंगबिरंगी पोशाक और हाथ में राखी बंधवा कर बच्चों ने खूब मौजमस्ती की। बच्चों ने आइसक्रीम, चाकलेट की खूब खरीदारी की।
परिवहन विभाग भी अपनी व्यवस्था में खरा उतरा। हालांकि रोडवेज स्टेशन पर दिनभर आने जाने वालों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।
जेल में बंद भाइयों से अच्छा इंसान बनने का मांगा उपहार
जेल की दीवार भी प्यार के इस त्योहार पर पसीज गई। इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां अपने भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंच गईं कि जेल प्रशासन को अपने नियमों में ढील देनी पड़ी। बृहस्पतिवार को राखी बांधने के बाद से बहनें जेल की चहारदीवारी से खिलखिलाती हुई बाहर निकल रही थीं। सुबह से ही जेल में महिलाओं की भारी भीड़ जुट गई थी। जेल के भीतर जाकर बहनों ने अपने भाई की कलाई में राखी बांधकर जल्द न्याय मिलने की दुआएं मांगीं। बहनों ने भाई की कुशलक्षेम भी पूछा। कुछ ने बुराइयों का त्याग कर अच्छा इंसान बनने का उपहार मांगा।
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पूर्व मंत्री को बहनों ने बांधी राखी
प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह के लिए राखी खास है। हर्रैया विधानसभा क्षेत्र में वह राखी के दिन जरूर पहुंचते हैं, मगर इस बार व्यस्तता के कारण वह शहरी क्षेत्र के न्याय मार्ग स्थित कार्यालय पर ही राखी बंधवाने पहुंचे। यहां हर्रैया तथा शहरी क्षेत्र में बहनों ने राखी बांध उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान उनके भाई बृजकिशोर सिंह डिंपल भी साथ रहे।