बस्ती। आधी रात को बाबा भद्रेश्वरनाथ मंदिर का कपाट खुलते ही कतार में खड़े कांवड़ियों ने जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। शनिवार सुबह के अखबार में जब तब रिपोर्ट आप पढ़ेंगे, तब तक भद्रेश्वरनाथ मंदिर में डेढ़ लाख से अधिक कांवड़िये जलाभिषेक कर चुके होंगे। शनिवार शाम तक जलाभिषेक का सिलसिला चलेगा। साढ़े पांच लाख कांवड़ियों के जलाभिषेक करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मंदिर से लेकर फोरलेन तक जिधर देखें उधर कांवड़िये ही नजर आ रहे हैं। शुक्रवार रात को अमहट से भद्रेश्वरनाथ के बीच का करीब चार किलोमीटर का फासला मेले का शक्ल अख्तियार कर चुका था। जगह-जगह चल रहे भंडारे में देर रात कांवड़िये भोजन-नाश्ता करते आगे बढ़ते रहे। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। परिसर के बाहर स्थायी जिकजैक शेड से होकर कांवड़ियों को गर्भगृह के अंदर प्रवेश की व्यवस्था बनाई गई है।
इस बार जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के निकास के लिए मंदिर के पश्चिम तरफ से व्यवस्था बनाई गई है। जहां से निकलकर वे हाल में बनाई गई सड़क से होते हुए तीन सौ मीटर आगे जाकर मुख्य मार्ग पर पहुंचेंगे।
सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में लगाए गए सीसीटीवी से पूरे परिसर की निगरानी की जा रही है। गर्भगृह में महिला व पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दो अपर पुलिस अधीक्षक, दस पुलिस उपाधीक्षक, 35 निरीक्षक, 280 उप निरीक्षक, 25 महिला उप निरीक्षक, आठ यातायात उप निरीक्षक, 1100 हेड कांस्टेबल, 250 महिला कांस्टेबल, 1.5 कंपनी पीएसी, 05 फायर टेंडर, 40 यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। जगह-जगह सहायता केंद्र स्थापित किया गया है।
कमिश्नर अखिलेश कुमार सिंह, आईजी आरके भारद्वाज, डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी लगातार सुरक्षा इंतजामों की निगरानी में तत्पर दिखे। शुक्रवार को एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार ने भी मंदिर का भ्रमण कर पूरे प्रबंध का जायजा लिया। कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए अधिकारियों ने भोलेनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
शुक्रवार दोपहर बाद बढ़ा सबसे ज्यादा दबाव
- वैसे तो भद्रेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला बृहस्पतिवार को ही शुरू हो गया था। शुक्रवार दोपहर तक लग रहा था कि इस बार भीड़ हल्की रहेगी, लेकिन दोपहर के बाद मानो कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा हो। कचहरी चौराहे से मंदिर तक जिधर देखो उधर कांवड़िये ही नजर आ रहे थे। कोई कंधे पर कांवड़ रखे नजर आया तो कोई पिट्ठू बैग में बोतल में पवित्र सरयू का जल भरकर अपने आराध्य का अभिषेक करने के लिए नाचते-गाते आगे बढ़ रहा था। महिलाओं और बच्चों की तादाद भी अच्छी-खासी देखी गई।
-
भद्रेश्वरनाथ मंदिर परिसर में सजीं दुकानें
वैसे तो यह आयोजन जलाभिषेक को समर्पित रहता है, लेकिन लोगों की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में दुकानें भी सजाई गई हैं। जहां खाने-पीने के सामान के अलावा खिलौने, शृंगार प्रसाधन, खेती में काम आने वाले औजार, बच्चों के कपड़े आदि की दुकानें दिखाई दे रही हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, बैलून फायर, जंपिंग पैड आदि लगाए गए हैं।
शहर में प्रभावित रही आवाजाही
भीड़ को देखते हुए शास्त्री चौक, कलक्ट्रेट चौराहे पर बैरियर लगाकर रामचंद्र शुक्ल तिराहे पर कांवड़ियों के रास्ते पर किसी प्रकार का वाहन नहीं जाने दिया जा रहा है। शहर से बाहर जाने वालों को मूड़घाट, बड़ेबन के रास्ते भेजा जा रहा है। पुराना डाकखाना, कटरा से आने वाले समस्त वाहनों को फव्वारा तिराहा होते हुए रौता की तरफ मोड़ दिया जा रहा है। चेतक तिराहे पर बैरियर लगाकर कंपनी बाग अथवा रामचंद्र शुक्ल मार्ग से आने वाले प्राइवेट वाहनों को वापस कंपनी बाग की तरफ मोड़ दिया जा रहा है। फव्वारा तिराहे से कोई वाहन कंपनी बाग की तरफ नहीं जा पा रहा है। गड़गोड़िया तिराहे, कांशीराम आवास से कोई भी वाहन डारीडिहा की तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। सभी वाहनों को अस्पताल चौराहे से सोनूपार की तरफ भेजा जा रहा है। सोनूपार तिराहा से कोई भी वाहन डारीडिहा के तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। वाहनों को अस्पताल की तरफ एवं कांवड़िया वाहन को सोनूपार तिराहे के पास स्थित बाग में पार्क कराया जा रहा है।
-
12 जुलाई से ही बदला है फोरलेन का रूट
-कांवड़ियों के आवागमन के लिए 12 जुलाई की रात से ही फोरलेन पर दूसरे वाहनों को बदल दिया गया। अयोध्या से लेकर मंदिर के बीच जगह-जगह शिविर लगाकर कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए स्टाल लगाए गए। जहां उनके लिए भोजन, नाश्ता, दवा, पानी, शरबत आदि का प्रबंध था। इसमें सरकारी विभाग के अलावा कई सामाजिक संस्थाओं ने स्टाल लगाए। जिले की सीमा में घघौआ, विक्रमजोत, छावनी, हर्रैया, महराजगंज, कप्तानगंज, गोटवा, तिलकपुर, फुटहिया में यह सुविधाएं मुहैया कराई गई।
पार्किंग में खड़े कराए गए वाहन
आईटीआई कॉलेज ग्राउंड, केडीसी कॉलेज ग्राउंड, भूवर काली मंदिर के पास रामधनी चौधरी की खाली जमीन, मिश्रौलिया स्टेट के आगे डिपो वन विभाग, सोनूपार चौकी के पास स्थित बाग, ग्राम राजाचक में खाली जमीन, चांदमारी के पास (दो पहिया वाहनों के लिए), मोहटा चौराहे के पास (नगर के तरफ से आने वाले वाहनों के लिए)।