बस्ती। श्रावण मास के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ब्रह्म मुहूर्त लगने के बाद सुबह तीन बजे से ही शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज होने लगी। आस्था के जल से भोलेनाथ को नहलाने के लिए हर कोई आतुर दिखा। महिलाएं, बच्चे, पुरुष हर किसी पर भक्ति का जुनून छाया रहा।
सुबह पांच बजते-बजते मंदिरों के गर्भ गृह से लगते परिसर तक श्रद्धालु भर गए। सड़कों पर भी उनका आना जाना पूरे दिन लगा रहा। जलाभिषेक के साथ पूजन-अर्चना का दौर शाम तक चला।
मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम श्रद्धालुओं से भरा रहा। यहां वाहनों की आवाजाही पर रोक लगने से श्रद्धालुओं को तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में हर-हर महादेव एवं बोल बम की गूंज होने लगी। मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की होड़ लगी रही।
अक्षत, पुष्प, चंदन, गुलाल, दही, विल्वपत्र, दूध, भांग, धतूरा आदि पूजन सामग्रियों से भोलेनाथ का अभिषेक किया गया। घंटे बजते रहे, वहीं मंदिर परिसर में जगह-जगह अनुष्ठान भी चल रहे थे। श्रद्धालुओं की ओर से राम चरित मानस पाठ, भंडारा, रुद्राभिषेक, वैदिक मंत्रों के जाप का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। माहौल चौतरफा भक्तिमय बना रहा। इसके अलावा बस्ती-मुंडेरवा मार्ग पर कड़र शिवमंदिर और देवरिया शिवमंदिर पर भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाएं, बच्चे, पुरुष बड़ी संख्या में यहां पहुंचे थे।
इन मंदिरों में प्रतिष्ठित शिवलिंग पर अटूट आस्था के साथ जल चढ़ाया गया। देवाधिदेव को खुश रखने के लिए लोगों ने अटूट श्रद्धा अर्पित की। जनपद के बरवा धाम, तिलकपुर शिवमंदिर, भारी नाथ मंदिर, बाबा दूधनाथ शिवमंदिर मुनियांव, कौड़ीकोल शिवमंदिर आदि शिवालय विभिन्न तरह के धार्मिक अनुष्ठान एवं श्रद्धालुओं से गुलजार रहे।