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नवरात्र: मां चंद्रघंटा से मांगा शांति-समृद्धि का वर

Sat, 25 Mar 2023 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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दुर्गा मंदिर गांधी नगर में पूजन अर्चन करते श्रद्धालु
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- घरों, मंदिरों में श्रद्धलुओं ने किया दुर्गा सप्तशती का पाठ
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना की। मां चंद्रघंटा की आराधना कर शांति और समृद्धि का वर मांगा। सुबह को श्रद्धालुओं ने घरों में विधिवत पूजन किया और इसके बाद नवरात्र व्रत की कथा का पाठ किया और फिर दुर्गा चालीसा और आरती की। कपूर-लौंग के साथ पूजन किया। श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया। मातारानी को चूड़ी, सिंदूर, बिंदिया, चुनरी आदि श्रृंगार का सामान अर्पित किया। इसके साथ ही मेवे और फल अर्पित कर आरती की। माता को लौंग और पुष्प भी अर्पित किए।
पंडित मोहित मिश्र ने बताया कि तीसरे दिन मां चंद्रघटा की पूजा करने वाले साधकों को तेज की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा को देवी पार्वती का रूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि नवरात्र में देवी मां की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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आज होगी मां कूष्मांडा की पूजा
- 25 मार्च को नवरात्र का चौथा दिन है। नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा का विधान है। मां दुर्गा के सभी स्वरूपों में मां कूष्मांडा का स्वरूप बहुत ही तेजस्वी है। मां कूष्मांडा सूर्य के समान तेज वाली हैं। कहते हैं जब संसार में चारों ओर अंधियारा छाया था, तब मां कूष्मांडा ने ही अपनी मधुर मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। मां कूष्मांडा की पूजा से बुद्धि का विकास होता है। साथ ही जीवन में निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है। मां दुर्गा का ये स्वरूप अपने भक्त को आर्थिक ऊंचाईयों पर ले जाने में निरन्तर सहयोग करने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि यदि कोई लंबे समय से बीमार है तो देवी कूष्मांडा की विधि-विधान करनी चाहिए। इससे माता रानी उस व्यक्ति को अच्छी सेहत प्रदान करती हैं।
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