संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में कला उत्सव 2023 की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। डायट परिसर की दीवारों पर शिक्षकों और डीएलएड प्रशिक्षुओं के समूहों ने निपुण लक्ष्य, पर्यावरण संरक्षण, लोक कला और शिक्षा से जुड़े विषयों का चित्रण एवं रंगोली से साज सज्जा की है।
दीवारों पर उकेरे चित्रों ने डायट परिसर की सुंदरता को चार चांद लगा दिया है। चित्र कला, लोक कला, शिल्प, गीत संगीत, पारंपरिक नृत्य व विविध कलाओं को शामिल कर हर्षोल्लास से परिपूर्ण वातावरण का सृजन किया गया है।
कला उत्सव के आयोजक व संरक्षक डायट प्राचार्य जितेंद्र गोंड ने बताया कि कला उत्सव एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को पहचानना, उन्हें उजागर व पोषित करना और शिक्षा के कला को बढ़ावा देना है। दो दिवसीय कला उत्सव कार्यक्रम (13 और 14 मार्च) में कला की अनेक विधाओं को शामिल किया गया है। इसमें संगीत नृत्य, दृश्य कला स्थानीय कला, क्राफ्ट, पेंटिंग, खिलौने से संबंधित गतिविधियां प्रमुख हैं।
डायट परिसर में जनपद स्तरीय कला उत्सव में प्रशिक्षु और शिक्षक के अलावा छात्र भी प्रतिभाग करेंगे। कला उत्सव 2023 कार्यक्रम के नोडल, कला प्रवक्ता डॉ. गोविंद ने बताया कि नई शिक्षा नीति में कला, क्राफ्ट एवं संगीत शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। पढ़ाई के साथ कला, संगीत, नृत्य आदि में रुचि लेने वाले सरकारी विद्यालयों के शिक्षक, छात्र-छात्राओं में सांस्कृतिक विरासत एवं कला विविधता के प्रति जागरूकता करने के लिए यह कार्यक्रम होगा।
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इन्होंने किया दीवारों पर चित्रण
चंद्र प्रकाश चौधरी, रमेश विश्वकर्मा, रवीश कुमार मिश्र, मारुत नंदन, चंद्रशेखर, श्रुति त्रिपाठी, संध्या त्रिपाठी, शशि वर्मा, सुरभि ओझा, राजपति, राम कमंडल, अमरेंद्र सिंह, अनिल कुमार के अलावा डीएलएड प्रशिक्षु शिल्पा सिंह, श्वेता गुप्ता, वर्षा श्रीवास्तव, काजल श्रीवास्तव, प्रिया पांडेय, शिवम सिंह, मदनेश गुप्ता, हरिओम यादव, श्वेता गुप्ता, अमर सिंह,अविनाश वर्मा, अमरदीप आदि शामिल रहे।