कुदरहा। मुंडेरवा चीनी मिल का 6 दिसंबर को डोंगा का पूजन हो गया, मगर किसानाें को अब भी पर्ची का इंतजार है।
किसानों के सामने जब भी धन की बड़ी चुनौती खड़ी होती है तो गन्ने की खेती को तरजीह देते हैं। ताकि समय से गन्ना बेचकर धन जुटा सकें। इसी धन से बेटी की शादी, मकान निर्माण, बच्चों की पढ़ाई एवं बीमारी आदि काम को सरलता से निपटाते हैं। पहले मुंडेरवा चीनी मिल नवंबर में ही गन्ने की पेराई शुरू कर देती थी, लेकिन इस बार 6 दिसंबर तक भी नहीं चल पाई है।
ऐसे में घरों में निर्धारित मांगलिक कार्य संपन्न करने का कोई रास्ता किसानों को नहीं सूझ रहा है। यही नहीं, जिन किसानों के पास गेहूं के लिए खेत नहीं था वह अपनी गन्ना पेड़ी बेचकर गेहूं की बुवाई करने की योजना बनाए थे, उस पर भी पानी फिर रहा है। छुट्टा जानवर और चूहे खेतों में तैयार गन्ने की फसल लगातार बर्बाद कर रहे हैं।
मुंडेरवा चीनी मिल के जीएम अभिषेक पाठक का कहना है कि डोंगे का विधि विधान से पूजन हो गया है। अगले दिन से मिल पूरी क्षमता से गन्ने की पेराई शुरू कर देगी I