पोर्टल अपडेट होने की प्रक्रिया चलने से आ रही तकनीकी बाधा
स्कूलों में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण आठ दिन से जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। पोर्टल का सर्वर अपडेट होने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू होने से बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अभिभावक चक्कर काट रहे हैं।
विभिन्न अस्पतालों के अलावा नगर पालिका व पंचायतों के दफ्तर में जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आने वाले लोग निराश होकर लौट रहे हैं। इस समय करीब 100 प्रार्थनापत्र लंबित हैं। जबकि पोर्टल पर कितने आवेदन लंबित हैं, यह शो नहीं हो रहा है। सीआरएस पोर्टल के माध्यम से अस्पताल, नगर पालिका परिषद और ग्राम पंचायत स्तर से ही जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन 18 जून से पोर्टल में तकनीकी समस्या आ गई है।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण पटल सहायकों का दावा है कि प्रदेश स्तर से पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। इससे समस्या आ रही है। अब पोर्टल में नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने बताया कि सीआरएस पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। नए पोर्टल पर कई जरूरी सुविधाएं जुड़ जाएंगी। इससे लोगों को लाभ होगा।
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21 दिन के बाद लेनी पड़ेगी अनुमति
जन्म व मृत्यु के 21 दिन के भीतर अस्पताल, नगर पालिका या पंचायत से प्रमाणपत्र जारी हो सकता है। उसके बाद सीएमओ की अनुमति से ही प्रमाणपत्र जारी होगा। एक साल से अधिक समय बीतने पर एसडीएम की अनुमति लेनी पड़ेगी। 21 दिन के बाद पांच रुपये से लेकर 100 रुपये तक विलंब शुल्क अदा करने के बाद प्रमाणपत्र जारी होगा।
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विदेश में जन्म लेने वालों का भी बन सकेगा प्रमाणपत्र
पोर्टल अपडेट होने के बाद अब नए नियमों के तहत विदेश में जन्म लेने वाले भारतीय बच्चों का प्रमाणपत्र भी जारी हो सकेगा। हालांकि, माता-पिता का स्थाई पता यहां का होना चाहिए। जन्म- मृत्यु प्रमाणपत्र में क्यूआर कोड को स्कैन करने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी।