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Basti News: जयकारों के गूंज में पैदल चल रही भीड़

Mon, 30 Oct 2023 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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शहर के कटरा चौराहे पर स्थापित दुर्गा प्रतिमा।
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- दुर्गा पूजा समारोह की आखिरी रात दिखा देवी भक्तों का सैलाब
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- चप्पे- चप्पे पर पुलिस का पहरा, भीड़ में गुम रही शहर की सड़कें
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दुर्गा पूजा समारोह की आखिरी रात श्रद्धालुओं के नाम हो गई। दिन ढलने के बाद समूचा शहर श्रद्धालुओं से भर गया। गली- मोहल्लों में भी लोगों का आना- जाना बना रहा। भीड़ इतनी कि मोटर, गाड़ी तो दूर पैदल भी संभल कर चलना पड़ा। मेले की हलचल चौतरफा बनी रही। जयकारों की गूंज में ठसाठस भीड़ पैदल चलती रही। शहर की कुछ सड़कों पर वाहन चलने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं थी, तो कुछ सड़कों पर बड़ी मशक्कत के साथ लोग वाहन लेकर निकल पाए।
रविवार की रात सधे कदमों से लोग देवी दरबार की ओर बढ़ते गए। श्रद्धा भाव ऐसा कि सामान्य दिनों में जिन सड़कों पर बिना वाहन के चलते नहीं बनता उन्हें पैरों से नापा जा रहा है। उमंग, उल्लास के आगे थकान नहीं महसूस हो रही है। किशोर, व्यस्क तो भीड़ का हिस्सा बन ही रहे हैं महिलाएं और बच्चे भी साथ में कदमताल कर रहे हैं। आस्था का सैलाब ऐसा मानो गुरु वशिष्ठ की नगरी इन दिनों देवी की उपासना में लीन हो गई है। पंडाल- पंडाल देवी दर्शन की होड़ मची है। इस अनुपम दृश्य को मानस पटल पर उतारने को हर कोई आतुर हैं। यहीं वजह है कि दस- दस किलोमीटर तक लोग पैदल ही चल रहे हैं। मेले का असर शहर के आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। शहर में चौतरफा लोगों का आना जाना बना हुआ है। जहां तक वाहन पहुंच पा रहे हैं वहां तक तो ठीक वरना उसे छोड़ पैदल ही लोग चल पड़ रहे हैं। दुर्गा पंडालों में आयोजित भगवती जागरण, आरती एवं अन्य अनुष्ठान के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो रहे हैं। रात नौ बजते- बजते आस्था की भीड़ में प्रमुख सड़कें गुम हो गई। सिर्फ-सिर्फ श्रद्धालु ही श्रद्धालु दिखाई पड़े।
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इन जगहों पर कम नहीं हो रही भीड़
चलिए, कंपनीबाग..। यह गांधीनगर बाजार का प्रवेश स्थल है। यहां भव्य देवी पंडाल कतार बद्ध सजाए गए हैं। मां दुर्गा दिव्य छवि का दर्शन पाने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़ रहे हैं। यहां ठसाठस भीड़ कम नहीं हो रही है। कुछ लोग दर्शन के बाद आगे बढ़ रहे हैं तो दूसरी ओर से भीड़ फिर आकर खड़ी हो जा रही है। महरीखांवा मोड़, टाउन क्लब, पक्के से लेकर रोडवेज तक यह क्रम बना हुआ है। पूरा गांधी नगर मार्ग श्रद्धालुओं से भरा हुआ है। तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क पर पैदल के अलावा बाइक, ऑटो कुछ भी नहीं चल पा रहा है। कमोवेश यहीं हाल अस्पताल चौराहा, दक्षिण दरवाजा, मंगल बाजार, पांडेय बाजार का भी है। रात नौ बजते- बजते यहां भी पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग जा रहा है।
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मालवीय मार्ग पर जाम का दृश्य
फव्बारा तिराहा से रोडवेज तक तीन किलोमीटर की दूरी में सड़क का दूसरा प्रमुख मार्ग हैं। यह मार्ग भी देवी पंडालों का अनोखा दृश्य संजोए हुए हैं। यहां भी पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। जबकि शहर में मेले के दौरान वाहनों का आवागमन बहाल रखने के लिए यहीं एक सड़क सहारा है। मगर यहां भीड़ होने की वजह से रह- रहकर पूरी रात जाम लग रहा है। पुलिस को जाम में फंसे ऑटो, बस, मोटरसाइकिल आदि वाहनों को निकलवाने में पसीना बहाना पड़ रहा है।
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रिश्तेदारों से भरा हैं शहरियों का घर
आजकल शहर में रहने वाले लोगों का घर रिश्तेदारों से भरा हुआ है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोग अपने नजदीकियों के घर पर ठौर बनाए हुए हैं। यहां मेजबानी अलग से हो रही तो शाम ढलने के बाद मेले का लुत्फ अलग उठाने को मिल रहा है। पिकौरा शिवगुलाम में रहने वाले विजय वर्मा ने बताया इन दिनों उनका घर मेहमानों से भरा हुआ है। गांव और रिश्तेदारी से लोग आकर मेला देखने के लिए रूके हुए हैं। मूर्ति विसर्जन के बाद ही लोग जाएंगे। इसी तरह अधिकांश घरों में रिश्तेदारों का आना जाना लगा हुआ है। वहीं डुमरियागंज क्षेत्र आए प्रशांत कुमार ने बताया कि यहां वह अपने बुआ के घर परिवार के साथ रूके हुए हैं। दिन भर रिश्तेदारी हो रही है, रात में मेला देखने को मिल रहा है।
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इधर-उधर जाम देख गलियों से निकलते रहे लोग
वाहनों से चलने वाले लोग मेले के आखिरी रात अपने घर पहुंचने के लिए खूब परेशान हुए। गांधीनगर और मंगलबाजार में जहां वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा, वहीं मालवीय मार्ग पर जाम की वजह से लोगों को इधर उधर गलियों के रास्ते निकलना पड़ा। इसमें भी मोटरसाइकिल सवार ही सफल हो पाए, चार पहिया वाहनों को जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा।
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हवन- पूजन के बाद भंडारे की रही धूम
प्रतिमा विसर्जन से एक दिन पहले दुर्गा पंडालों में हवन पूजन की धूम रही। देवी प्रतिमाओं के समक्ष पूजा समितियों की ओर से वैदिक रीति रिवाज के साथ हवन कराया गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी से क्षमा याचना के साथ सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया। दोपहर से शुरू यह आयोजन पंडाल- पंडाल देर शाम तक चलता रहा। हवन और भंडारे की वजह से रविवार को दिन में भी सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
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यह होगा विसर्जन का रूट
देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का रूट गांधीनगर मार्ग होगा। पुरानी बस्ती, अस्पताल चौराहा, जिगिना, कैली रोड की देवी प्रतिमाएं रोडवेज से होकर गांधीनगर के रास्ते कचहरी चौराहा पहुंचेंगी। यहां से अमहट घाट के लिए रवाना की जाएंगी। वहीं ब्लॉक रोड, बड़ेवन, हर्दिया, कटरा, भटोलवा, रौता चौराहा आदि क्षेत्रों की प्रतिमाएं मालवीय मार्ग से होकर रोडवेज से गांधीनगर मार्ग पर आएंगी। यहां से अमहट घाट के लिए देवी प्रतिमाओं को रवाना किया जाएगा।
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