छावनी क्षेत्र के शंकरपुर की शाही नूरी मस्जिद से शनिवार को बारावफात जूलूस निकाला गया। जुलूस में पाकिस्तान का झंडा फहराने की सूचना किसी ने उच्चाधिकारियों को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की तो मामला फर्जी निकला। छावनी पुलिस सूचना देने वाले का तलाश रही है। मोहम्मद साहब के जन्म दिन के उपलक्ष्य में जुलूस निकाला गया। शाही नूरी मस्जिद से जुलूस विक्रमजोत कस्बे में पहुंचा तो कंट्रोल रूम को सूचना गई कि जुलूस में शामिल वाहनों के युवक पाकिस्तानी झंडा फहरा रहे हैं साथ ही पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहे हैं। सूचना पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसपी ने क्षेत्राधिकारी हर्रैया और एसओ छावनी को मौके पर भेजा। जूलूस में शामिल वाहनों एवं युवकों की जांच के दौरान कोई झंडा नहीं पाया गया। आयोजक हिदायत रसूल, मो. युसुफ, मेराज आलम, जमील अहमद, सफीक अहमद, सनाउल्लाह, अजमत अली, गुलाम अहमद, महबूब उमर आदि ने बताया कि सफेद कपड़े पर चांद तारे वाले झंडे को लोग पाकिस्तान का झंडा समझ बैठे।
जुलूस के दौरान अचानक हुई कार्रवाई से लोग सकते में आ गए। सदर सफीक अहमद एवं शाहीनूरी मस्जिद के प्रबंधक हिदायत रसूल का कहना है कि झंडा मजहबी था। बदनाम करने के लिए कुछ अराजक तत्वों ने भ्रामक सूचना दे दी। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात चौकी इंचार्ज विक्रमजोत जय प्रकाश दुबे का कहना है कि अराजकता फैलाने के लिए फर्जी सूचना किसी ने दी थी। एसपी के निर्देश पर उस युवक कि खोजबीन की जा रही है।