परशुरामपुर/विक्रमजोत। परशुरामपुर क्षेत्र के लालपुर के 33 वर्षीय रामजी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। मृतक की पत्नी ने ही ढाबा चलाने वाले प्रेमी से मिलकर उसे मौत के घाट उतारा था। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो जुर्म कबूल लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनमें चल रहे प्रेम-संबंध की जानकारी रामजी को होने पर दोनों ने ठिकाने लगा दिया। पत्नी बताया कि उसने पति को बिस्तर से खींचकर जमीन पर पटक कर पैर से पति का गला दबा दिया। जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
रविवार को हुई घटना के बाद पहुंची रामजी की बहन ने चोट के निशान देखकर हत्या की आशंका जाहिर की, लेकिन पत्नी स्टैंड फैन पर गिरने से मौत बताकर पुलिस को गुमराह करती रही। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने की पुष्टि होने के बाद रहस्य गहरा गया। प्रभारी निरीक्षक रमेश के अनुसार पत्नी से पहली बार पूछताछ के दौरान ही उसके चेहरे का भाव चुगली करने लगा था। बाद में दोनों के पकड़े जाने पर पूरी साजिश से पर्दा उठ गया।
अभियुक्त संतोष ने कबूला कि रामजी की उससे गहरी मित्रता थी और उसी सिलसिले से घर आने-जाने लगा। इसी दौरान उनमें प्रेम-संबंध हो गया। घटना से चार दिन पहले रामजी को पेचिस हुआ था, जिस कारण उन्हें बंगाली डॉक्टर के यहां ग्लूकोज चढ़वाया गया। उसी दिन अभियुक्त संतोष सिंह निवासी मल्हनी थाना परशुरामपुर को कोमल मिश्रा पत्नी रामजी ने अपने घर बुला लिया। दोनों भागने की योजना बनाने लगे। मगर इससे पहले रामजी को ठिकाने लगाने का फैसला कर लिया।