लालगंज थाना क्षेत्र के अइलिया गांव में बुधवार की सुबह खाना बनाते समय एक विवाहिता के कपड़े में स्टोव से आग लग गई। भाभी को जलता देख ननद उसे बचाने को पहुंची, इस चक्कर में वह भी बुरी तरह झुलस गई। दोनों को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। जहां से विवाहिता की हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। थोड़ी ही देर में उसने दम तोड़ दिया।
घटनाक्रम के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के अइलिया गांव निवासी प्रभाकर अहमदाबाद में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी 28 वर्षीया ज्योति, बहन 25 वर्षीया अंतिमा, पिता जगदीश मिश्र और मां दर्शना देवी के साथ गांव में रहती हैं। मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब स्टोव पर वह खाना बना रही थी कि अचानक कपड़ों में आग लग गई। भाभी को आग से घिरा देख ननद अंतिमा बचाने दौड़ी। वह अपने भाभी को बचाते बचाते खुद भी झुलस गई। विवाहिता ज्योति के कपड़ों से केरोसिन बदबू दे रहा था। दोनों को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां विवाहिता की हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। लोग जब तक ले जाते उसकी मौत हो गई। चिकित्सक के अनुसार विवाहिता तकरीबन सौ प्रतिशत जल गई है, जबकि उसकी ननद भी 50 प्रतिशत जली है। ननद का उपचार बर्न वार्ड में चल रहा है। विवाहिता के पति को सूचना भेज दी गई है। जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही विवाहिता ज्योति ने बताया कि स्टोव जलाना उसके लिए काल बन गया। ननद ने बचाने का प्रयास किया तो वह भी झुलस गई। ननद अंतिमा का कहना है कि वह समझ ही नहीं पाई कि स्टोव की टंकी फट गई या फिर स्टोव की लपटों से उसकी भाभी जल गई। भाभी को जलता देख उसे कुछ समझ में नहीं आया और वह उन्हें बचाने में जुट गई। विवाहिता और ननद का करूण क्रदंन पूरे वार्ड में गूंज रहा था।