बस्ती। एसबीआई कोर्ट एरिया शाखा में बैंक लिपिक बनकर कृषि विभाग के कर्मचारी को बेवकूफ बनाकर 1.62 लाख रुपये उड़ाने वाले शख्स और उसके साथी को क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने अमहट घाट पुल के पास गिरफ्तार कर लिया। उसका एक अन्य साथी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पकड़े गए सभी आरोपी रायबरेली जिले के रहने वाले हैं।
रविवार को पुलिस लाइंस सभागार में एएसपी रोहित मिश्र ने इस बहुचर्चित घटना के पर्दाफाश का दावा किया। बताया कि पुलिस के लिए इस घटना का अनावरण करना बड़ी चुनौती थी। मामले में कोई महत्वपूर्ण क्लू न मिलने के कारण पुलिस को घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एएसपी ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाला मुख्य अभियुक्त दीपक उर्फ दीपू गुप्ता पुत्र स्व. मोतीराम नूर मार्केट थाना कोतवाली रायबरेली का निवासी है। इसके गैंग में मोनू सिंह उर्फ शैलेंद्र सिंह पुत्र महेश प्रताप सिंह निवासी कासो पहाड़पुर थाना हरिश्चंद्रपुर रायबरेली और मोहम्मद याकूब पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी अंदरूनी किला थाना कोतवाली रायबरेली शामिल हैं।
एएसपी ने बताया कि घटना के दिन दीपक उर्फ दीपू और उसका साथी लक्जरी गाड़ी चालक मोनू सिंह उर्फ शैलेश सिंह के साथ एसबीआई कोर्ट एरिया आए। दीपू ने अपने आपको को बैंक कर्मचारी प्रदर्शित करते हुए रुपये जमा करने आए कृषि विभाग के कर्मचारी अरविंद कुमार वर्मा से एक लाख बासठ हजार रुपये लेकर जमा करने के बहाने लेकर फरार हो गए। दोनों 12 मार्च को फिर किसी अन्य बैंक में इस तरह की घटना को अंजाम देने के इरादे से आए, मगर बैंक बंद होने के कारण वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए।
बस्ती से वापस लौटते समय यह दोनों को क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया। इनके पास से ठगी के डेढ़ लाख रुपये और घटना में प्रयुक्त लक्जरी गाड़ी बरामद हुई है। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के विरुद्ध रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से दो पकड़े जा चुके हैं। तीसरे आरोपी मोहम्मद याकूब की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। एएसपी ने बताया कि यह लक्जरी वाहन का नंबर प्लेट भी बदलकर चलते थे।
पुलिस और कृषि विभाग ने की पुरस्कार की घोषणा
एसपी कृपाशंकर सिंह की ओर से घटना का अनावरण करने वाली पुलिस और स्वाट टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषण की है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने भी विभाग की ओर से पांच हजार रुपये देने की घोषणा की है। घटना का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में स्वाट टीम प्रभारी सर्वेश राय, एसआई अरविंद कुमार मौर्य, एसआई दिनेश कुमार यादव, एसआई प्रशिक्षण दिनेश सरोज, कांस्टेबल अमित पाठक, अरविंद कुमार यादव, अजय दुबे, आनंद प्रकाश यादव, छोटेलाल, आदित्य पांडेय, सदानंद यादव, अजय यादव, मणींद्र प्रताप, जनार्दन प्रजापति, जितेंद्र सिंह, धीरेंद्र यादव आदि शामिल हैं।