बस्ती। न्यायालय तहसीलदार हर्रैया में कार्यरत टाइपिस्ट गयासुद्दीन को दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और कार्यालय से निरंतर गायब रहना महंगा पड़ा। डीएम नरेंद्र सिंह पटेल ने उन्हें बृहस्पतिवार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। आठ साल पहले टाइपिस्ट को इसी आरोप में निलंबित किया जा चुका है।
बर्खास्तगी के आदेश में कहा गया है कि टाइपिस्ट को कार्य व्यवहार में सुधार लाने के लिए बार-बार अवसर दिया गया, मगर इनके आचरण और कार्य व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। आठ साल पहले इसी तरह के आरोप में टाइपिस्ट को सस्पेंड किया गया था। सस्पेंशन के तीन साल बाद टाइपिस्ट को कई दंड देने के बाद बहाल कर दिया गया था। उसके बाद भी टाइपिस्ट के कार्य व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। इस लिए टाइपिस्ट को नौकरी से ही बर्खास्त कर दिया गया।