फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में पति और सास को दोषी करार देते हुए दोनो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनो पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर नौ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। विश्वदेव गुप्ता ने मुंडेरवा थाने में दो दिसंबर 2010 को दर्ज मुकदमे में कहा गया था कि उसके बहन शेषकली की शादी चार साल पहले मुंडेरवा थाना क्षेत्र के मेहड़ा गांव में विजय पाल उर्फ पिंटू के साथ हुई थी। ससुराल वाले उसे दहेज में बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। दो दिसंबर शाम ससुराल वालों ने उसका गला दबाकर मार डाला। पुलिस ने पति विजय पाल, सास चतुरा देवी, पति के चाचा महावीर, चाची ज्ञानमती के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। जज ने पति और सास चतुरा देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं महावीर और ज्ञानमती को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।