ओड़वारा रेलवे स्टेशन के पास महिला के मौत पर जुटे ग्रामीण।
रविवार को अलग-अलग हादसों में तीन महिलाओं की मौत हो गई। दुबौलिया के पिपरी ऊंजी में स्टोव की आग से एक महिला की मौत हो गई तो हेंगापुर में सीढ़ी से गिरने पर जान गई। ओड़वारा में जननायक एक्सप्रेस की चपेट में आने से महिला कट गई।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के पिपरी उंजी गांव की साधना (25 वर्ष) पत्नी पवन गिरि रविवार को दिन के करीब 11 बजे स्टोव पर खाना बना रहीं थीं। भोजन पकाने के समय साधना अकेली ही घर पर थी। अचानक स्टोव भभकने लगा जिसकी लपट से साड़ी जलने लगी। बुझाने की कोशिश में विफल होते ही चिल्लाते हुए घर से बाहर की ओर भागने लगी। साधना की चीख पर जब तक आसपास के लोग जुटते तब तक वह बरी तरह झुलस गई थी।
गांव के लोग ने आग को किसी तरह बुझाया और 108 एंबुलेंस सेवा जिला अस्पताल भेजा। जहां इलाज के दौरान दोपहर करीब दो बजे उसकी मौत हो गई। साधना के पति पवन गिरि मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं। जबकि ससुर जोखू उसके मायके विदाई का दिन रखने गए थे। दो वर्षीय बेटा किशन घर के बाहर खेल रहा था। गांव के लोग छोटे बच्चे को देखकर यही कह रहे थे कि वह किसकी गोद में बचपन गुजारेगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दूसरी घटना दुबौलिया क्षेत्र के ही हेंगापुर गांव में हुई। गांव की सरस्वती (26 वर्ष) शनिवार देर शाम किसी काम से घर के बाहर बनी सीढ़ी से छत पर जा रही थीं। परिवार वालों के मुताबिक अचानक पैर फिसलने से गिर पड़ीं। पति तिलक राम उस समय गांव के बाहर गेहूं की मड़ाई कर रहे थे। ससुर पशुुओं को चारा डालने गए तो सरस्वती सीढ़ी के पास पड़ी देखकर शोर मचाने लगे। आसपास के लोग भी जुट गए। परिवार के लोग उसको विशेषरगंज निजी चिकित्सक के यहां ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके पास पांच वर्षीय पुत्र दुर्गेश है। स्थानीय पुलिस व सीओ कलवारी, नायब तहसीलदार घटनास्थल पर पहुंचे। मायके वालों की सहमति से शव का पंचनामा कराके परिवार वालों को सौंप दिया।
वहीं साऊंघाट प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार दोपहर करीब पौने बारह बजे ओड़वारा के डाउन ट्रैक पर जननायक एक्सप्रेस की चपेट में 60 वर्षीय महिला आ गई। पहचान खझौला चौकी क्षेत्र के कुर्थिया निवासी लख्खी देवी पत्नी राम देव चौधरी के रूप में हुई है। ट्रेन के चालक की सूचना पर स्टेशन अधीक्षक ने पुलिस को जानकारी दी। परिवार वालों का कहना है कि बीमारी के चलते वह विक्षिप्त हो गई थीं। पूरा परिवार गेहूं की मड़ाई करा रहा था। इसी बीच वह घर से निकल गईं।