बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश कृपाशंकर शर्मा ने किशोरी को अगवा करने के मामले में दोषी करार देते हुए दो सगे भाइयों समेत तीन को पांच-पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता जयगोविंद सिंह ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि नगर थाना क्षेत्र के एक गांव के पीड़िता की मां ने नगर थाने में केस दर्ज कराया था कि 14 वर्षीय बेटी को पांच अप्रैल 2008 को शाम साढ़े तीन बजे नगर बाजार के गुड्डू उर्फ परवेज, आशिक अली, आबिद अली व चंचल उपाध्याय निवासी बगही ने बहला फुसलाकर गलत नियत से भगा ले गए।
घटना के सप्ताह बाद पीड़िता को फुटहिया चौराहे पर पुलिस ने बरामद किया। पीड़िता ने आपबीती बताई। कहा कि अभियुक्त उसे मुंबई ले गए थे। जहां उसके साथ जबरन गलत काम किए और वहां से वापस लाकर नेपाल भेजना चाहते थे।
विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल हुआ। गुड्डू घटना के समय नाबालिग था इसलिए उसका मामला किशोर न्याय कोर्ट में भेजा गया। अभियोजन की ओर से आठ गवाहों का बयान हुआ जबकि बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने की बात कही। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जज ने आशिक अली, आबिदअली और चंचल उपाध्याय को दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।