बस्ती। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों
ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। शिक्षकों की लंबित समस्याओं के
निस्तारण में ढिलाई पर जताई नाराजगी। सरकार से लंबित मांगों को त्वरित मान
लेने की मांग की। बाद में मुख्यमंत्री के नाम एडीएम राकेश कुमार सिंह को
सात सूत्रीय मांग पत्र दिया।
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयशंकर
शुक्ल ने कहा कि सपा सरकार में शिक्षकोें से संबंधित अनेक मांगें शासन स्तर
पर लंबित हैं। शिक्षकोें की समस्याओं के समाधान नहीं किए जा रहे हैं।
चेतावनी दी कि अगर 20 सूत्रीय समस्याओं का शीघ्र निदान न हुआ तो समूचे
प्रदेश के शिक्षक लखनऊ में आयोजित धरने में हिस्सा लेंगे।
किसी भी
स्थिति के लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार होगा। कहा कि प्रदेश सरकार
समझौतों के बावजूद अनेक प्रमुख मांगों को स्वीकार नहीं कर रही है।
जिलाध्यक्ष ने राजेश चौधरी को मीडिया प्रभारी घोषित किया।
जिला
मंत्री शिव कुमार तिवारी, वाल्मीक सिंह आदि ने पुरानी पेंशन योजना लागू
करने, अंतरजनपदीय स्थानांतरण, 17140 एवं 18150 रुपये वाला वेतन लागू किए
जाने, छात्रों को वितरण किए जा रहे दूध का कन्वर्जन कास्ट बढ़ाने, मृतक
आश्रित को लिपिक पद पर नियुक्त करने आदि मांगें उठाईं।
जनपद स्तरीय
मांगों में समायोजित शिक्षकों का बकाया वेतन शासन द्वारा निर्धारित तिथि
पर सामूहिक रूप से भुगतान कराने, कार्यरत शिक्षकों के रहते विद्यालय का
चार्ज दूसरे शिक्षकों को न देने, परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत
अनुदेशकों, रसोइयों, प्रेरकों को हरमाह मानदेय भुगतान आदि मांगें प्रमुख
हैं।
इस मौके पर बरसाती यादव, राजेश चैधरी, रजनीश पांडेय, गिरजेश
दुबे, रजनीश मिश्र, विनीत चौधरी, रामपराग चैधरी, राणा प्रताप सिंह,
जितेंद्र पांडेय, अनंत पांडेय, संतोष भट्ट, प्रकाश शुक्ल, नीलम पांडेय,
रेखा चौधरी, सरिता त्रिपाठी, नाहिद बानो, आनंद त्रिपाठी, विमल जायसवाल,
महमूद आलम, सुभाष चैधरी, विजय प्रकाश, बब्बन प्रकाश स्कंद मिश्र, प्रेमशंकर
दुबे के साथ ही बड़ी संख्या में शिक्षक औरं समायोजित शिक्षक मौजूद रहे।