आरटीओ कार्यालय में बुुधवार को तब अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर चंद्रमोहन गर्ग ने परिसर में छापा मार दिया। हालांकि, उनके आने की भनक पहले ही दलालों को लग गई थी, जिसे वे समय रहते वहां से फरार हो गए, मगर एसडीएम की अगुवाई में वहां स्थित टीन शेड पर बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया। पुलिस सारा सामान एकत्रित कर थाने पर ले आई।
किसी ने आरटीओ ऑफिस में गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट निजी कार से सीओ सदर पवन गौतम, तहसीलदार अनिल कुमार के साथ वहां पहुंचे। इसके पहले उन्होंने ऑफिस में दो ग्राहकों को भेजकर शिकायत की पुष्टि कराई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पहुंचने के तत्काल बाद शहर कोतवाल बृजेंद्र सिंह भी मय दलबल वहां पहुंच गए।
ऑफिस के बाहर स्थित ऑनलाइन आवेदन करने की बंद दुकान का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने ताला तोड़वा दिया। उसमें रखे अभिलेख और कंप्यूटर को खंगालने के बाद वह सीधे ऑफिस में घुस गए। यहां उन्होंने मनोज, हरिलाल, पिंटू, संतोष, श्रवन कुमार, रामधीरज, आशीष आदि से सीधा संवाद स्थापित किया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि कार्यालय में बिना सुविधा शुल्क लिए कोई काम संभव नहीं है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने एआरटीओ प्रशासन अरुण प्रकाश चौबे को हिदायत दी कि यदि दोबारा शिकायत मिली तो पटल सहायक सहित अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।