महराजगंज। उर्वरक दुकानों के खिलाफ चल रहे जांच अभियान के क्रम में जिला कृषि अधिकारी संजेश कुमार श्रीवास्तव ने सदर व हर्रैया तहसील की दुकानों पर छापा मारा। यहां जांच के दौरान अभिलेखों में गड़बड़ी पाए जाने पर चार दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। छापेमारी में टीम ने उर्वरक के 17 नमूने एकत्रित किए, जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
डीएम डॉ. राजशेखर के निर्देश पर उर्वरकों की गुणवत्ता जांचने व बिक्री पर उठ रहे सवालों को लेकर जिला कृषि अधिकारी ने मरहा, गोटवा, कप्तानगंज, दुधौरा, भिउरा, शुकुलपुर, चिलमा, कलवारी, कुसौरा, नगर बाजार उर्वरक दुकानों पर औचक छापा मारा। यहां गोटवा में कुमार फर्टिलाइजर्स, दुधौरा में क्रय-विक्रय समिति, चिलमा में जय दुर्गे सहकारी समिति व जय शक्ति भंडार की दुकानों के अनियमित संचालन पर इनके लाइसेंस निलंबित कर दिए। इसके अलावा छह उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। जबकि दो को उर्वरक के साथ पशु चारा रखने के आरोप में उनकी बिक्री प्रतिबंधित किया गया है। निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के गुणवत्ता परीक्षण के लिए 17 नमूने एकत्रित किए गए हैं। इस दौरान कृषि अधिकारी ने अलग-अलग स्थानों पर खाद की बोरियों की तौल कराई मगर कहीं वजन से कम खाद नहीं पाई गई। जिला कृषि अधिकारी संजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी दशा में कृषकों को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक वितरण की अनुमति नहीं है। यदि कहीं पर भी उर्वरकों की कालाबाजारी की शिकायत मिली तो उर्वरक विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।