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तत्काल आर्थिक मदद को शव रखकर धरने पर बैठे

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रामकिशोर की मौत पर रोते घरवाले। - फोटो : amar ujala
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सल्टौआ। वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के जिनवा चौराहे पर मंगलवार की देर शाम हुई दुर्घटना में बुधवार को दो और घायल ग्रामीणों की मौत हो गई। मौत की खबर गांव में पहुंचते ही ग्रामीण एक बार फिर आक्रोशित हो उठे। हालांकि, तब वे चुप्पी साधे रहे और मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल पहुंच शव को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। जहां शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें मिल गया। इसके बाद ग्रामीण सीधे बभनगांवा पहुंचे और शव लेकर वे अंबेडकर पार्क में धरने पर बैठ गए। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण धरने पर बैठे रहे।  
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भाजपा नेता सत्येंद्र शुक्ल जिप्पी के नेतृत्व में ग्रामीणों का धरना शुरू हो गया। ग्रामीण मृतक व घायलों के परिवार को तत्काल अहेतुक सहायता तथा दोषी पूर्ति निरीक्षक के निलंबन की मांग कर रहे थे। इसकी सूचना जैसे ही थानेदार यशवंत सिंह को मिली, उन्होंने एसडीएम भानपुर राजेश कुमार सिंह को दी। वे मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से बातचीत शुरू कर दी। ग्रामीण किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए वे अपनी मांग पर अड़े रहे। आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम से कहा कि जब तक दोनों मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक वे दाह संस्कार नहीं करेंगे। देर रात तक प्रशासनिक अमला मौके पर ग्रामीणों से बातचीत कर मामला शांत कराने में जुटा रहा, मगर ग्रामीण नहीं माने।

तीन मजदूरों की मौत से सदमे में सल्टौआ

सल्टौआ। जिनवा चौराहे पर अब भी हादसे का मंजर लोग भूल नहीं पा रहे हैं पूर्ति निरीक्षक की गाड़ी से हुए हादसे ने झोपड़ी में रहने वाले तीन मजदूरों के परिवारों को झकझोर कर रख दिया।  
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मंगलवार की सुबह मजदूरी के लिए निकले बभनगवा बाबू निवासी रामकिशोर (45), अशोक (32) व मंगडौरा निवासी (28) द्वारिका वहीं के निकट नरायनपुर में निर्माणाधीन मकान में मजदूरी करने निकले थे। जिनवा चौराहे पर सब्जी व राशन खरीदने के दौरान पूर्ति निरीक्षक रवि सिंह की गाड़ी ने तीनों को रौंद दिया। रामकिशोर की मौत मौके पर ही हो गई। गंभीर रूप से घायल अशोक और द्वारिका की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई।  अशोक पिता का इकलौता बेटा था। 70 वर्षीय पिता उजागिर और पत्नी विमला के अलावा छह वर्षीय रंजना का रोकर बुरा हाल है। काल के गाल में समाए द्वारिका तीन भाइयों में से सबसे छोटे थे। अपने बीवी-बच्चों को लेकर वह अलग झोपड़ी में रहते थे। जहां पत्नी मनभावती व आठ वर्षीय पुत्री अंजली, छह वर्षीय पुत्र सर्वेश तथा चार वर्षीय नितेश भी बेहाल हैं। रामकिशोर राजगीर थे। इसी से परिवार की जीविका चलती थी। तीन बेटे सुरेश, सूरज, फूलचंद कुछ ही दिन पहले रोजी-रोटी के लिए मुंबई गए। घर पर छोटा बेटा ज्ञानचंद और बेटी चंदा और पत्नी बादाम उनके घर लौटने के इंतजार में थीं।  
मदद को बढ़ाया हाथ 
क्षेत्र के भाजपा नेता ओमप्रकाश शुक्ल, रवींद्र शुक्ल, जिप्पी शुक्ल, प्रधान जिनवा मुन्ना शुक्ल, पटटू चौधरी, फतेबहादुर आदि मृतकों के घर सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास और अन्य आर्थिक सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया।  

आश्रितों की अर्थिक मदद को तहसीलदार ने दी रिपोर्ट
भानपुर। तहसील क्षेत्र के जिनवा पड़ाव पर हुई हृदयविदारक मार्ग दुर्घटना में तीनों मृतकों राम किशोर, अशोक कुमार निवासी बभनगांवा बाबू व द्वारिका ग्राम जगतपुर के आश्रितों को शासन स्तर से आर्थिक मदद दिलाने के लिए तहसीलदार नवीन प्रसाद ने हलका लेखपाल से रिपोर्ट लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए एसडीएम राजेश सिंह को सौंप दी है। इस बाबत जानकारी तहसीलदार ने बताया कि तीनों मृतकों के आश्रितों को कृषक दुर्घटना व पारिवारिक लाभ योजना के तहत आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को की गई है। बताया कि दुर्घटना से ग्रसित सभी की पारिवारिक स्थिति खराब है। सभी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं।
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