कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने प्रदेश सरकार के विरोध में किया प्रदर्शन। अमर उजाला
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बस्ती। राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद ने निषादों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए जुलूस निकाला। इटावा निवासी अखिलेश निषाद की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे थे। साथ सपा की सरकार को बर्खास्त करने भी आवाज उठा रहे थे। जिलाध्यक्ष अजय कुमार निषाद ने कहा कि निषाद समुदाय को सभी ने ठगने का कार्य किया है। कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार चाहे तो निषादों की समस्याओं का एक मिनट में हल कर सकती है।
मगर भाजपा का मकसद सिर्फ वोट लेना है, अधिकार देना नहीं है। इसी तरह सपा की सरकार 17 अति पिछड़े जातियों को एससी का आरक्षण देने के वादे से मुकर गई। कहा कि निषाद समाज इस धोखे का बदला आगामी विधानसभा चुनाव में अवश्य लेगी। इस मौके पर ज्ञान प्रकाश, छट्टी लाल, नेबू लाल, राम गोपाल, इंद्रदेव, बलिराम, राम महेश, राम सरन, बृज मोहन, रवीश चंद्र, मंगरू, लालचंद्र, सुरजीत, रामसागर, लाल बिहारी, रंजीत, पृथ्चीराज, झिनकान, रमेश, द्वारिका, सोहनलाल, मनोज, भीमसेन, अनिल, अशोक एवं पीतांबर निषाद सहित आदि शामिल रहे।