ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव में निर्मल भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालय में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। जहां एक ग्राम प्रधान ने स्वयं अपने सहित अपने ही परिवार के पांच सदस्यों में शौचालय स्वीकृत कर धन हड़प लिया। इसकी शिकायत जब तहसील समाधान दिवस की गई शिकायत के जांच रिपोर्ट में भी लीपापोती करने की कोशिश की गई है।
दरअसल, मामला ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रौनाकला का है। यहां के ग्राम प्रधान पर निर्मल भारत अभियान में शौचालय के लिए मिलने वाले धन की बंदरबांट करने एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दसिया निवासी अमित सिंह ने तहसील समाधान दिवस में शिकायत की। जांच की रिपोर्ट के क्रम में जांच अधिकारी व उसी गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने ग्राम प्रधान को सभी आरोपों से बरी करते हुए जांच रिपोर्ट में कहा कि ग्राम प्रधान की ओर से सरकारी धन की किसी तरह की कोई बंदरबांट नहीं की गई है, जो भी शौचालय ग्राम प्रधान के घर में बनाए गए, वे निजी संसाधनों से बने हैं।
जबकि इसी मामले की आरटीआई रिपोर्ट यह खुलासा हुआ है कि ग्राम प्रधान शहनाज की ओर से स्वयं के नाम से तीन मार्च 2016 को चेक सं. 956886 के से 6000 रुपये व पुत्र शहनाज को 27 फरवरी 2016 को चेक सं.956843 एवं 11 मार्च को चेक सं. 956877 के माध्यम से छह-छह हजार रुपये जारी किए हैं। इसी प्रकार प्रधान द्वारा बहू फहमीदा खातून के नाम से चार मार्च को चेक सं. 956855 एवं 11 मार्च को चेक सं. 956879 के माध्यम से छह-छह हजार, एक अन्य बहू जफरल खान के नाम 27 फरवरी 2016 को चेक सं. 955950 एवं 11 मार्च को चेक से. 956878 के माध्यम से छह-छह हजार रुपये जारी किए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ग्राम प्रधान शहनाज द्वारा अपने पति गुलाम नबी के नाम से भी 11 अप्रैल को चेक संख्या 054418 के माध्यम से 6000 रुपये एवं एक अन्य चेक के माध्यम से छह-छह हजार रुपये शौचालय के लिए जारी किए गए हैं। शिकायतकर्ता अमित सिंह ने खंड विकास अधिकारी रुधौली को शिकायती पत्र लिखकर मामले की पुन: जांच एवं दोषियों के साथ मिलीभगत करने वाले कर्मचारियों एवं दोषियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है। बीडीओ रामरेखा सरोज का कहना है कि मामले की जांच एडीओ पंचायत बृजेश त्रिपाठी को सौंपी गई हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।