बस्ती। सरकार की नीतियों के खिलाफ बिजली विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन
किया और जोरदार नारेबाजी की। चेतावनी दी कि अगर 35 हजार कर्मचारियों के
हितों की अनदेखी की गई तो वे काम-काज ठप कर देंगे। उसकी जिम्मेदारी सरकार
की होगी।
शनिवार को गिदही पॉवर हाउस पर विद्युत तकनीकी कर्मचारी
संघ के बैनर तले बिजली विभाग के कर्मचारी एकत्र हुए। हाथ पर काला फीता
बांधकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। अध्यक्ष डॉ. जयराम प्रसाद ने कहा कि
तकनीशियन ग्रेड-दो कर्मचारियों को सात वर्ष पर प्रोन्नति देकर अवर अभियंता
बना दिया जाता था, जिसे सरकार ने अब बढ़ा करके दस वर्ष कर दिया है। यही
नहीं, सरकार लिखित परीक्षा की बाध्यता कर दी है।
सरकार का यह
निर्णय कर्मचारी हितों के खिलाफ है। वक्ताओं ने कहा कि पहले विभाग में काम
करने वाले कर्मचारियों के घरों में मीटर नहीं लगाए जाते थे। एक मानक के
आधार पर कर्मचारी बिजली विभाग को बिल देते थे। यह सुविधा सरकार ने खत्म कर
दी है। इसी तरह सरकार वेतन विसंगतियों को दूर कराने का बिल्कुल प्रयास नहीं
कर रही है। इससे कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है।
वक्ताओं ने
कहा कि पूरे प्रदेश में 35 हजार कर्मचारी अपने हितों के लिये संघर्ष कर रहे
हैं। फिर भी राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रही है।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार को उनकी मांगों को सुनने के लिए बाध्य होना
पड़ेेगा। इसके लिए कर्मचारी हर तरह से सरकार पर दबाव बनाएंगे।
इस
मौके पर मनीष कुमार शमी, योगेंदर, प्रहलाद प्रसाद, रामनवल यादव, अवधेश
कुमार सहानी, पशुपतिनाथ मिश्रा, सुनील कुमार, अनुज कुमार कन्नौजिया, शिव
कुमार, लक्ष्मी मौर्या, त्रिभुवन, संतकबीर नगर जिले के जियालाल यादव,
सिद्धार्थनगर जिले के लालजी शर्मा, मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।