बस्ती। मध्याह्न भोजन योजना को एनजीओ के हवाले करने के विरोध में बुधवार को मिड-डे मील रसोइया कर्मचारी यूनियन की ओर से धरना दिया गया। धरने के बाद बीएसए को दस सूत्रीय मांग पत्र दिया गया। कामरेड केके तिवारी ने कहा कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से शांति पूर्वक चल रहा है। एमडीएम किसी भी कीमत पर दूसरे के हाथ में जाने नहीं दिया जाएगा।
खेत मजदूर यूनियन के कामरेड वीरेंद्र प्रताप मिश्र और किसान सभा नेता कामरेड धर्मराज चौधरी ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। संगठन की जिलाध्यक्ष उर्मिला चौधरी ने कहा कि रसोइयों के मानदेय देने और नवीनीकरण पर रोक के लिए संगठन आभारी है, मगर किसी भी दशा में इस व्यवस्था को किसी भी एनजीओ को नहीं देने दिया जाएगा।
जिला मंत्री ध्रुवचंद्र ने मानदेय बढ़ोतरी, खाते से भुगतान होना, वर्ष भर के मानदेय दिए जाने, प्रशिक्षण, गैस और पानी सहित अन्य की व्यवस्था पर सवाल उठाया। धरने को राम निरख यादव, जगमती, सुशीला, नवनीत यादव, विशाल, चंद्रभान, महंत मिश्र ने पेंशन, बीमा, चुनाव व पल्स पोलियो कार्यक्रम में भागीदारी का भुगतान किए जाने की मांग उठाई। इस मौके पर अमरावती, कुसुम सिंह, राजपति, किसलावती, सुनीता, रिंकी, आरती, माधुरी, सीमा, योगेंद्र, रामकुमार गुप्त, दुर्गावती और अनीता आदि रहे।