कंवारियो ने जिला जल गोरखपुर की गाड़ी का शीशा तोड़ा।
कांवड़ियों का बवाल पुलिस प्रशासन के लिए नाक का सवाल बन गया है। भीड़ की मंशा भांप पाने में नाकाम तंत्र कांवड़ मेले को लेकर अब कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। उग्र भीड़ की हरकतों से तिलमिलाए पुलिस प्रशासन ने पहले तो हाईवे को पूरी तरह से वाहनों के लिए सील किया। इसके बाद विभिन्न बैरियरों पर चेकिंग तेज कर दी। इन सबके बीच कस्बे के आम लोग और उधर से गुजार रहे कांवड़िए घटना को लेकर चर्चा करते रहे। उधर घटना के बाद प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया है। पूरी व्यवस्था तत्काल टाइट कर दी गई। चिन्हित स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई। सभी को इस बात को लेकर हैरानी दिखी कि इतनी तैयारी के बावजूद प्रशासन से यह चूक कैसे हो गई।
असल में कांवड़ियों का गुस्सा एकाएक नहीं उबला। इसके पीछे एक के बाद एक कांवड़ियों के साथ हुए कई हादसों को पुलिस प्रशासन हल्के में लेता रहा। इसकी शुरुआत तड़के विक्रमजोत के पास सिद्घार्थनगर के रहने वाले बैजनाथ श्रीवास्तव की संदिग्ध मौत के साथ हुई। जिसे प्रशासन हर्ट अटैक बताता रहा। इसके बाद एक महिला को बाइक सवार से ठोकर मार दिया,जो गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा कई अन्य छोटी-छोटी एक्सीडेंट की घटनाएं हुईं। इसके बावजूद जब वाहनों का अवागमन बंद नहीं हुआ तो कप्तानगंज में कांवड़िए उग्र हो गए। एसपी कृपाशंकर सिंह का कहना है कि पुलिस शांतिपूर्वक कांवड़ मेला संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।