मानिकचंद (बस्ती)। वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के पड़िया चौराहे पर दुकान पर चाय पी रहे 62 वर्षीय इसारत अली बात करते-करते अचानक गिरे और तत्काल मौत हो गई। सुबह सात बजे के करीब हुई इस घटना से चौराहे पर हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में गांव के लोग पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बांसी रोड पर पहुंच गए। वहां शव रखकर आवागमन बंद कर दिया
दो घंटे तक आवागमन बंद होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम,सीओ के काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम हटाया जा सका। आरोप है कि सोमवार रात को वाल्टरगंज थाने पर उनका पूरा परिवार फरियाद लेकर गया था, लेकिन उनका अपमान करते हुए भगा दिया गया। इसी सदमे में इसारत अली की मौत हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मारपीट की एनसीआर दर्ज है।
एसडीएम सदर राम प्रसाद, सीओ सिटी/रुधौली एसएन सिंह के अलावा मौके पर प्रभारी निरीक्षक पुरानी बस्ती रवींद्र कुमार गौतम, सोनहा के प्रभारी निरीक्षक शिव बरन यादव एवं वाल्टरगंज के इंस्पेक्टर रमाकांत यादव भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
आपबीती बयां करते हुआ हार्ट अटैक
मोहम्मद इशारत का बेटा जिला अस्पताल में जिंदगी व मौत के बीच झूल रहा था। उसके सीने की हड्डी तोड़ दिए थे। इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस उसकी नहीं सुन रही थी। मंगलवार को सुबह वह पुत्तीलाल की चाय की दुकान पर बैठे-बैठे यही आपबीती बता रहा था, तभी अचानक गिरा और सांसें रुक गईं।
19 जून को वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के पड़िया खास के तकियवा पुरवा निवासी मोहम्मद इसारत अली के बेटे मोहसिन से आम तोड़ने को लेकर गांव के अबरे आलम पुत्र समसुलहक की मारपीट हो गई।
अबरे आलम ने उनके बेटे को बुरी तरह से पीट दिया, जिससे उसके सीने की हड्डी टूट गई। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। परिवार के लोग बार-बार थाने का चक्कर लगाते रहे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि वाल्टरगंज थाने से उसके पूरे परिवार को गाली देकर भगा दिया गया। जिससे वह काफी आहत था।