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बैठक में सोते, मोबाइल में गेम खेलते रहेे अधिकारी

Sun, 26 Jun 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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विकास भवन सभागार में अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते सचिव अशोक कुमार। - फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। बैठकों को लेकर जिले के अधिकारियों की लापरवाही शनिवार को विकास भवन सभागार में नोडल अधिकारी सचिव, राष्ट्रीय एकीकरण की समीक्षा बैठक में देखने को मिली। सचिव विभागों के योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे तो कुछ अधिकारी सो रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ अधिकारी मोबाइल में गेम खेल रहे थे। मीडियाकर्मियों ने जब इसकी क्लिप डाकबंगले पर सचिव को दिखाई तो उन्होंने डीएम को ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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शुक्रवार को जिले में दो दिवसीय भ्रमण पर आए सचिव, राष्ट्रीय एकीकरण विभाग अशोक कुमार ने शनिवार को विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ शासन की प्राथमिकताओं एंव विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान जहां कुछ अधिकारी पूरी तन्मयता से सचिव की बातों को सुन रहे थे, वहीं कुछ झपकी लेते नजर आए। इतना ही, नहीं एक साहब को मोबाइल पर गेम खेलते मिले। मीडिया के कैमरे में कैद इन अधिकारियों की करतूत जब डाकबंगले में सचिव को बताई गई तो उन्होंने डीएम को ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा।

इसके पूर्व समीक्षा बैठक में सचिव अशोक कुमार ने कहा कि अधिकारी अपने विभाग से संबंधित योजनाओं, कार्यों एवं उपलब्धियों की सम्यक जानकारी रखें और समीक्षा बैठकों  में पूरी तैयारी के साथ भाग लें। सभी अधिकारी सुबह  बजे से 12 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता एवं जनप्रतिनिधियों से  मिलें और उनकी शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि लंबित निर्माण कार्यो को अविलंब पूर्ण  कराया जाय। जनपद में 36 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण आईईडी को कराना है।
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अबतक टेंडर न होने को उन्होंने गंभीरता से लिया और 15 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करते हुए निर्माण आरंभ कराने को कहा। उन्होंने लोहिया समग्र ग्राम में चलाई जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी लेकर कार्यों के सत्यापन का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होंने कौशल विकास, बीजों और उर्वरकों की उपलब्धता और उनका वितरण, मत्स्य पालन पट्टा, समाजवादी  पेंशन, छात्रवृत्ति, पशुपालन, महिला समूहों का गठन, लोहिया आवास निर्माण आदि योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। कहा कि यदि कोई कार्मिक एक माह में एक दिन विलंब से आता है तो उसे मौखिक चेतावनी दी जाए। दो दिन विलंब से आने वाले पर चेतावनी तथा तीन दिन देर से आने वालों का एक दिन आकस्मिक अवकाश काट लिया जाए। माह में चार दिन या इससे अधिक दिनों तक देर से आने वाले के विरुद्ध तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई आरंभ की जाए। 
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