बस्ती। विक्रमजोत, परशुरामपुर और बहादुरपुर ब्लॉक के तीन पंचायत सचिव ग्राम निधि, राज्य वित्त आयोग और 13वें वित्त आयोग के 15 लाख 24 हजार 647 रुपये का हिसाब नहीं दे रहे हैं। कई पत्र लिखे जाने के बावजूद खर्चे का ब्योरा भी अपलोड नहीं किया गया। डीपीआरओ एसपी सिंह ने तीनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही पूर्व प्रधान और सचिव से धन की वसूली और सरकारी धन के गबन का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ ने बताया कि वर्ष 2014-15 में विक्रमजोत की ग्राम पंचायत विक्रमजोत में तैनात अजय शुक्ल और प्रधान ने चार लाख 22 हजार 487 रुपये निकाल कर खर्च कर दिया। इस धन के उपयोग के बारे में जानकारी नहीं दी गई। खर्च का ब्योर प्रिया साफ्टवेयर पर अपलोड नहीं कराया। बताया कि अगर प्रिया साफ्टवेयर पर बिल और वाउचर अपलोड नहीं कराया जाता है तो गबन का मामला कर प्रधान और सचिव से रिकवरी कराई जाएगी और दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
इसी तरह बहादुरपुर की ग्राम पंचायत बभनियांव बुजुर्ग में तैनात सचिव धर्म प्रकाश उपाध्याय और प्रधान ने मिलकर चार लाख 76 हजार 474 रुपये वर्ष 2014-15 निकाल लिया। दो साल में भी इस धन का ब्योरा प्रिया साफ्टवेयर पर अपलोड नहीं किया। इसी तरह वर्ष 2014-15 में विकासखंड परशुरामपुर के ग्राम पंचायत जोगापुर में तैनात सचिव प्रतीक शुक्ला और प्रधान ने मिलकर छह लाख 25 हजार 686 रुपये निकाल लिया। मगर उसका हिसाब नहीं दिया, जिसके चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।