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फाइल गायब होने में जेई को नोटिस

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crime scene
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बस्ती। 
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नगरपालिका में एक साल से गायब पांच करोड़ की परियोजना वाली फाइल मिलने के बाद एमबी और रिकॉर्ड बुक न मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में शुक्रवार को अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश ने तत्कालीन अवर अभियंता ब्रह्म प्रकाश मिश्र और सेवानिवृत्त पटल सहायक श्रीकांत त्रिपाठी को अंतिम नोटिस जारी किया है। कहा कि अगर इसके बाद भी रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध कराया गया तो दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है। 
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 वर्ष 2015-16 में केंद्र की यूआईडीएसएसएमटी यानि अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम स्माल टाउन के तहत मालवीय रोड के सुधार के लिए पांच करोड़ की धनराशि नगरपालिका को दी गई। इस प्रोजेक्ट का इंचार्ज तत्कालीन आरईडी के जेई और पालिका एवं डूडा में संबद्ध ब्रह्म प्रकाश मिश्र को बनाया गया। निर्माण के दौरान अनियमितता होने की शिकायत शासन में हुई, शासन के निर्देश पर प्रशासन ने 10 नवंबर 16 को एसडीएम सदर राजनरायन तिवारी, एई पीडब्लूडी निर्माण खंड-एक विद्याशंकर सिंह एवं जेई पीडब्लूडी निर्माण खंड-एक के प्रमोद सिंह की टीम बनाई गई। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने का आदेश हुआ। इस बीच पता चला प्रोजेक्ट से संबधित कार्यों का रिकॉर्ड बुक और एमबी जेई के पास है और मांगने के बावजूद जांच टीम को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। इसके लिए कई नोटिस दिया गया। फाइल तो सेवानिवृत्त पटल सहायक  की आलमारी से मिल गई मगर मेजरमेंट बुक और रिकॉर्ड बुक नहीं मिले। कहा जा रहा है कि यही वह एमबी है, जिसमें 12 लाख के कार्य के स्थान पर एक करोड़ 26 लाख रुपये का एमबी बनाकर भुगतान किया गया। ईओ कहते हैं कि जब तक एमबी और रिकॉर्ड बुक नहीं मिल जाता तब तक भुगतान होने के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। बताया कि वैसे दोनों को एमबी और रिकॉर्ड बुक के गायब करने के आरोप में नोटिस दिया गया है। उसके बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिकायतकर्ता एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह और व्यापार मंडल के अध्यक्ष आनंद राजपाल कहते हैं कि पूरा पालिका प्रशासन दोषियों को बचाने में लगा हुआ है, सवाल किया कि जब इसके पहले कई नोटिस दिया जा चुका है तो अब नोटिस देने का क्या मतलब? अब तो कार्रवाई करनी चाहिए। 
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