हर्रैया (बस्ती)। बसेवा पांडेय गांव के एक घर में शुक्रवार शाम संदिग्ध स्थितियों के बीच छह माह के बच्चे और मां की जलकर मौत हो गई। उन्हें बचाने की कोशिश में बच्चे का पिता भी बुरी तरह झुलस गया। पहली नजर में घटना को बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बीच हुआ जानलेवा हादसा बताया गया लेकिन आसपास के लोगों के बीच से उठे सवालों के कारण हादसा, खुदकुशी या कुछ और जैसे संदेह भी गहराने लगे हैं।
घर की आग की भेंट चढ़ी ललिता (36) और छह माह का बेटा अर्पित। ललिता के पति नंद कुमार उपाध्याय का कहना है कि शाम चार बजे ललिता बेटे अर्पित को लेकर कमरा भीतर से बंद करके सो रही थी कि अचानक कमरे से धुआं और लपटें उठीं। उसने कमरे में जाने की कोशिश की लेकिन भीतर से कुंडी बंद होने के कारण कामयाबी नहीं मिली। शोक पर आसपास के लोग जुटे और दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुए। बचाव की यह कोशिश शुरू होने तक ललिता और अर्पित का शरीर राख हो चुका था, जबकि दरवाजा टूटने के बाद आग के बीच कमरे में दाखिल होने से नंद कुमार बुरी तरह झुलस गया। पुलिस के मुताबिक 70 फीसदी झुलसे नंद कुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हर्रैया थाना प्रभारी कपिल मुनि सिंह का कहना है कि मामला शॉट सर्किट से आग का लग रहा है।
आसपास के लोगों के बीच से घटना को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों में जहां शाम चार बजे महिला के बच्चे के साथ कमरा भीतर से बंद करके सोई स्थिति में होने और कमरे में आग फैलने पर भी नींद न खुलना लोगों को हैरान कर रहा है तो ललिता के पहले पति से जन्मे दो बच्चों के घटना से बेखबर रहने पर भी चर्चाएं हैं। परिवार के करीबी बताते हैं कि बसेला गांव के रवींद्र पांडेय की दो साल पहले मौत होने के कुछ समय बाद ललिता ने नंद कुमार के साथ शादी कर ली थी। उस वक्त पहले पति से बेटा ओम और बेटी दीपांशी उसके साथ थे। आग की घटना के वक्त दोनों बच्चे घर से बाहर थे। लपटें और धुआं होने पर भी आसपास के लोगों को आग का पता नहीं चला और बाहरी हिस्से में मौजूद नंद कुमार के शोर मचाकर बचाव में लगने पर लोग जुटे। ऐसे में घर की आग के पीछे परिवारिक कलह की लपटों की गुंजाइश चर्चा में आने लगी है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है। जांच से स्पष्ट हो जाएगा कि यह हादसा है या कुछ और।