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छह वर्ष से भटक रहे भाई-बहन मिले

Thu, 05 May 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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परशुरामपुर पुलिस ने आपरेशन स्माइल के तहत गायब बच्चों को बरामद किया। - फोटो : अमर उजाला
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परशुरामपुर/बस्ती। चाचा की डांट से आहत होकर छह वर्ष पहले घर छोड़कर निकले एक ही घर के तीन बच्चे फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर मिले। 23 मई 2012 से लापता इन तीनों को परशुरामपुर थाने की आपरेशन स्माइल टीम ने ढूंढ निकाला। जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद तीनों को उनके अभिभावक को सौंप दिया गया। एसपी ने इस टीम को ढाई हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की है।  
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नेदुला बड़कापुरवा निवासी नीबर पासी का 12 वर्षीय पुत्र अमित ,10 वर्षीय पुत्री ममता और उसके भाई सुखई की बेटी संगीता 23 मई 2012 को अचानक घर से लापता हो गए। नीबर की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और खोजबीन शुरू की,लेकिन  कहीं पता नहीं चला। इधर गुमशुदा बच्चों की खोजबीन के लिए चलाए गए आपरेशन स्माइल की टीमों ने रडार लगाया तो यह तीनों ढूंढ निकाले गए। 

बात-बात पर पीटता था ताऊ
बस्ती। नेदुला बड़कापुरवा निवासी सुखई मुंबई रहते हैं। घर पर बच्चों के साथ उसके भाई नीबर रहते हैं। बरामद किए जाने के बाद लड़कियों ने पुलिस को बताया कि नीबर अक्सर बच्चों की पिटाई कर देता था। इससे तंग आकर तीनों सुकई के पास मुंबई जा रहे थे। थानाध्यक्ष निर्भय नरायन सिंह ने बताया कि तीनों की लोकेशन पता चलने के बाद उपनिरीक्षक धर्मेंद्र प्रजापति को हमराहियों के साथ फैजाबाद भेजा गया। जहां ट्रेन आने का इंतजार करते यह तीनों पकड़े गए। 
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28 का अब तक नहीं लगा सुराग 
वर्ष 2007 से जिले के अलग-अलग क्षेत्र से गुम हुए 28 लोग अब भी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। उस साल सोनहा क्षेत्र की संगीता के अलावा 2009 में लालगंज के ठेकनापार के लालचंद और कप्तानगंज क्षेत्र के तेनुई चेत सिंह निवासी सोनू का पता भी नहीं चल सका। इसी तरह 2010 में कोतवाली क्षेत्र के कटरा निवासी अनुराग, सोनहा के रौता करनपुर निवासी रवि प्रकाश, 2011 में लालगंज के देईसाड़ से गायब हुए धीरेंद्र, हर्रैया के काशीपुर से  किशन, 2012 में रुधौली क्षेत्र की सज्जू, परशुरामपुर क्षेत्र की शती, पैकोलिया क्षेत्र की खातून, कलवारी क्षेत्र से रामा, पुरानी बस्ती क्षेत्र के संजय कालोनी निवासी बड़का लाला व कोतवाली क्षेत्र से करिश्मा भी गायब हैं। 2013 में मुंडेरवा क्षेत्र की राखी, नगर थाना क्षेत्र के दयालपुर निवासी उमेश, रुधौली के बाघडीह निवासी शकील, गौर के पिकौरा लाला निवासी अभिषेक, कोतवाली क्षेत्र से पूजा व शिवानी, रौता चौराहा निवासी अमर, लालगंज क्षेत्र की सरस्वती, नगर क्षेत्र की पार्वती, परशुरामपुर से परवेज, गौर से मुस्ताक, अंग्रेजन कलवारी की रीमा और अभी 10 अप्रैल को गायब हुई किशोरी नहीं मिली।

मजदूरी करके बिताते रहे बचपन
बस्ती। घर से भागकर मुंबई जाने के लिए निकले यह तीनों बच्चे जब बाराबंकी पहुंचे तो ट्रेन में ही उन्हें अश्वनी नाम का लड़का मिल गया। चारों मिलकर वहीं कहीं मजदूरी करने लगे। वहां से सुल्तानपुर, बनारस में मजदूरी करके दिन गुजार चुुुके यह बच्चे सुल्तानपुर के जगदीशपुर इंडस्ट्रियल एरिया में पहुंच गए। वहीं से निकलकर तीनों मुंबई जाने के लिए फैजाबाद पहुंचे,जहां पुलिस के हत्थे चढ़े।
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