बस्ती। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के मुहम्मदपुर गनेशपुर गांव में किशोरी के हत्या की गुत्थी सुलझने के बजाए उलझती जा रही है। पुलिस और फोरेंसिक टीम का मानना था कि किशोरी की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को जलाने की कोशिश की गई थी, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण मौत से पहले बर्न इंजरी आने से मामला और उलझ गया है।
सोमवार की भोर में शेरबहादुर की 17 वर्षीय बेटी खुशबू का अधजला शव घर के एक कमरे में मिला था। मगर कमरे में उसके जलने के कोई निशान नहीं मिले थे। कमरे में बगल स्थित दूसरे मकान के पिछले हिस्से में सरपत और मूंज जले हुए मिले। उसमें से केरोसिन की गंध आ रही थी। किशोरी की जीभ भी बाहर निकली थी। परिस्थितिजन्य साक्ष्य और प्रारंभिक जांच में पुलिस और फोरेंसिक टीम ने बताया था कि किशोरी की हत्या गला दबाकर करने के बाद उसके शव को जलाने का प्रयास किया गया।
उसके बाद शव को उसके कमरे में रख दिया गया। मौके पर दो घंटे तक छानबीन करने वाले सीओ रुधौली एसएन सिंह ने भी कहा था कि शव की स्थिति देखने से लग रहा है कि किशोरी को गला दबाकर हत्या के बाद जलाया गया है। इतना ही नहीं, किशोरी के गर्भवती होने की भी आशंका व्यक्त की गई थी, मगर सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मिली रिपोर्ट ने पुलिस वालों को भी हैरान कर दिया।
एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। बल्कि मौत का कारण एंटी मार्टम बर्न इंजरी बताया गया है। इससे लगता है कि किशोरी को जलाकर मारा गया है। इस मामले में पुलिस ने दिवगंत किशोरी के पिता शेर बहादुर की तहरीर पर गांव के ही एक युवक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी की तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।