टिनिच। सल्टौआ ब्लॉक के अजगैवा जंगल के सुकरौली गांव में खसरे से पीड़ित महिला की रविवार को मौत हो गई है। मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और घटना की जानकारी ली और दवा वितरण करते हुए गांव वालों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की नसीहत दी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौआ के अजगैवा जंगल के सुकरौली गांव की महिला सोनपती (55) पत्नी रामधीरज पिछले एक सप्ताह से खसरे से पीड़ित थी। जिसकी रविवार को मौत हो गई। दो दिन बाद जब स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिली तो आनन-फानन में एसीएमओ राजकुमार व सल्टौआ सीएचसी प्रभारी डॉ रवींद्र कुमार वर्मा टीम के साथ गांव पहुंचे और स्थित का जायजा लिया। डॉ रवींद्र कुमार वर्मा ने कहा कि महिला पिछले चार-पांच माह से बीमार चल रही थी।
अचानक उसको खसरा हो गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग को किसी ने जानकारी नहीं दी। इसके पहले भी इसी परिवार में एक बच्चा भी खसरे की चपेट में था। उसे दवा दी गई थी और वह इस समय ठीक है। स्वास्थ्य टीम गांव में दवा वितरण कर लोगों को साफ सफाई व खान-पान पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इस बारे में जब सीएचसी सल्टौआ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ रवींद्र कुमार वर्मा ने बताया कि महिला काफी दिनों से बीमार थी, जिसके कारण शरीर में सूजन आ गया और खून की कमी भी हो गई। खसरे की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंचकर दवा वितरण करते हुए लोगों को साफ-सफाई पर देने की बात कही। उन्होंने बताया कि गांव में किसी अन्य परिवार में यह बीमारी नहीं है।
झरिहर गांव में खसरे का प्रकोप
हर्रैया। दुबौलिया ब्लॉक के पूरे झरिहर गांव में खसरे से अभी भी कई लोग पीड़ित हैं। सांसद हरीश द्विवेदी व भाजपा नेता अनिल सिंह की सूचना पर हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व मे मंगलवार गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों को रोग से बचाव की जानकारी दी। दस दिन पूर्व रमेश नामक युवक की मौत खसरे से हुई थी। हालांकि स्वास्थ्य महकमा रमेश की मौत दिल का दौरा पड़ने हुई बता रहा है। गांव वालों के मुताबिक, गांव में खसरे का प्रकोप कई दिनों से है। मगर स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर गंभीर नहीं है। अभी भी गांव के रिंकू (20), सुमन(12), कीर्ति (14), राज दुलारी और मृतक रमेश के डेढ़ साल के पुत्र को खसरा हुआ है। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व स्वास्थ्य टीम ने गांव का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना। साफ सफाई रखने सहित अन्य उपाय सुझाए। गांव में दवाओं को छिड़काव कराया।