बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश मनमीत सिंह सूरी ने हत्या व आर्म्स एक्ट के जुर्म में दोषी करार देते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न अदा करने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राम अनुज भास्कर ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि नगर थाना क्षेत्र के करहली खुर्द निवासी गंगाराम ने थाना नगर में 12 जनवरी 2011 को सूचना दी। कहा कि उसका चचेरा भाई संजय कुमार जो सूरत में रहता था। घटना से दस दिन पूर्व अपने गांव आया था। सुबह साढे़ सात बजे उसके नगर बाजार स्थित मकान पर उक्त गांव के रमणीकधर ने आकर बताया कि उसके भाई संजय कुमार का शव खड़ौआ करहली मार्ग पर पुलिया के पास पड़ा है। उसके बाएं सीने पर किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी है और शव के बगल में संजय की मोटरसाइकिल पड़ी है। सूचना के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। दूसरे दिन मृतक की बेटी लक्ष्मी ने लिखित तहरीर दी। इसमें आरोप लगाया कि उसके पिता ने करहली की जमीन बेचकर बनरहा में जमीन खरीदने की बात आठ जनवरी को की थी। उसके पट्टीदार उसकी भूमि को जोतते-बोते थे और बदले में उसे कुछ नहीं देते थे। प्रदीप जमीन बेचने से मना कर रहा था। विवेचना में प्रदीप कुमार विश्वकर्मा का नाम आया, और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ। विवेचक ने प्रदीप के विरुद्ध हत्या व आर्म्स एक्ट के जुर्म में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन के तरफ से वादी सहित आठ गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से झूठा फंसाए जाने की बात कही गई। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने उक्त फैसला सुनाया।