बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के टेमा गांव निवासी 35 वर्षीय दंपत्ति आधी रात को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग में झुलस गए। पड़ोस के लोगों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पत्नी मोनी ने दम तोड़ दिया। जबकि पति पिंटू बर्न वार्ड में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पड़ोस के लोग बताते हैं कि पिंटू व उसकी पत्नी मोनी 12 वर्षीय बेटे करन के साथ छत पर सोए थे। आधी रात के बाद अचानक चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। रात होने की वजह से उन्हें कुछ समझ में नहीं आया,तभी पति-पत्नी धू-धूकर जलते दिखे। किसी तरह लोगों ने आग बुझाई और दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां मोनी ने दोपहर करीब एक बजे दम तोड़ दिया।
आग कैसे लगी इसे लेकर कई तरह की कयासबाजी की जा रही है,मगर असल वजह सिर्फ पिंटू जानता होगा,जो इस वक्त कुछ भी बताते की स्थिति में नहीं है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है। पत्नी ने आग लगाई हो और बुझाने के प्रयास में पति भी झुलस गया। प्रभारी निरीक्षक केडी सिंह के अनुसार अभी तक मायके पक्ष का कोई सामने नहीं आया है। न ही किसी ने तहरीर दी है।
मां का अंतिम संस्कार करे या पिता की देखरेख
गेंद और बल्ले से खेलने की उम्र में 12 वर्ष के करन पर एक साथ मुसीबतों का ऐसा पहाड़ ढकेल दिया,जिसके आगे बड़े से बड़े टूट जाएं। इसी उम्र में मां को गंवाने का जख्म बेशक उसे बाद में दर्द देगा, मगर आज जो चुनौती उसके सामने आ खड़ी हुई है,उसी से पार पाना आसान नहीं है। एक तरफ उसके मां का शव पड़ा है,जिसका अंतिम संस्कार करने वाला उसके सिवा कोई नहीं है,दूसरे मां को बचाने में गंभीर रूप से झुलस चुके पिता की देखरेख भी उसी के जिम्मे है जो जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में कराह रहे हैं। अब वह इधर जाए या उधर,तय करना मुश्किल है। उसका कोई रिश्तेदार या हितैशी भी नहीं है, जो इस वक्त में मदद कर सके।
पिता की नालायकी से बेगानी हुई संतान
पिंटू के पिता ने पहली पत्नी रहते दूसरी शादी कर ली। जिससे पिंटू पैदा हुआ। मां के रहते मोनी से उसकी शादी हो गई थी,जिससे करन पैदा हुआ। बाद में पिंटू को उसकी पत्नी व बेटे सहित बाप ने अलग कर दिया। इसके बाद से वह तीनों अलग रहने लगे। सामाजिक सम्मान भी इन्हें नहीं मिला,जिससे लोगों से यह घुलमिल नहीं पाए। इस निराशा में डूबी दंपत्ति के बीच अक्सर तकरार होती रहती थी। माना जा रहा है कि यही रवैया इस परिवार को दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया।