परशुरामपुर (बस्ती)। थाना क्षेत्र के बेलवा किशुनपुर में 32 वर्षीय विवाहिता ने छत की कुंडी से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। अंदर से कमरा बंद होने की वजह से परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला। शादी के 12 वर्ष बाद हुई इस घटना के लिए मृतका की मां ने परिवार वालों पर आरोप लगाया है। इस आधार पर पुलिस उन पर मुकदमा दर्ज कर रही है। पोस्टमार्टम हो रहा है।
गोंडा जिले के छपिया थाना क्षत्र के बभनी खास निवासी मोलहू ने अपनी पुत्री विंद्रावती की शादी परशुरामपुर थाना क्षेत्र के बेलवा किशुनपुर गांव के कृष्णपाल के पुत्र सुनील के साथ हुई थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा लेकिन, बाद में उनके बीच कलह शुरू हो गई। पति सुनील रोजीरोटी के सिलसिले में मुंबई में रहता है। परिवार में ससुर कृष्ण पाल, सास जगपता देवी और दो बेटों छह वर्षीय सोनू और चार वर्षीय अंशू के साथ विंद्रावती रहती थी।
लोगों को कहना है कि पति के बाहर रहने से विंद्रावती को बात-बेबात तंग किया जा रहा था। वह बिना किसी से कुछ कहे, बर्दाश्त करती रही। मगर रविवार रात उसका धैर्य जवाब दे गया। परिवार के लोग खाना खाने के बाद सोने चले गए। विंद्रावती भी अपने कमरे में साने चली गई। सोमवार सुबह काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो घर वालों ने उसे आवाज लगाई। उसके बाद अंदर झोक कर देखा तो साड़ी के फंदे से लटकी पड़ी थी। पडोस के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़कर उसका शव निकाला गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
अब विंद्रावती के दो बच्चों सोनू और अंशू की देखरेख करने वाला कोई नहीं बचा। मृतका की मां झिलमिला देवी का कहना है कि उसकी लगातार प्रताड़ना की जाती रही। जिससे आजिज आकर उसने आत्महत्या के लिए मजबूर हुई। सास जगपता देवी का कहना है कि उसकी बहू ने अकारण आत्महत्या कर ली। एसओ निर्भय नरायन सिंह ने बताया कि मृतका की मां ने आत्महत्या की तहरीर दी है। जिसमें परिवार के कुछ लोगों पर आरोप है कि उनकी प्रताड़ना के चलते ही वह आत्महत्या को मजबूर हुई। उनके विरुद्ध सुसंगत धारा में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।